*🔹नवीन शिक्षा सत्र में यातायात बिलासपुर पुलिस ने जिले में संचालित सभी विद्यालयों हेतु सुरक्षा मानकों एवं मापदंडों के पालन हेतु विद्यालयों को जारी किए विशेष अपील*
*🔹माननीय उच्चतम् न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन एवं स्कूली बच्चो के स्कूल आवागमन के संदर्भ में यातायात बिलासपुर पुलिस द्वारा सभी विद्यालय प्रबन्धन को बिंदुवार कराया गया अवगत*
*🔹माता-पिता, अभिभावकों से भी सड़क सुरक्षा संबंधी निर्धारित दिशा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आम नागरिकों से की गई अपील*
*🔹स्कूली बच्चों के परिवहन से संबंधित समस्त बस संचालकों को भी उक्त दिशा निर्देशों के अक्षरशः पालन हेतु दिए गए हिदायत*
बिलासपुर/स्वराज टुडे: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक श्री रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्त पहलुओं से अवगत कराई जा रही है इसी संदर्भ में वर्तमान में विघालयीन नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 प्रारंम्भ पश्चात जिले के समस्त स्कूलों के लिए आवश्यक अपील की गई। विदित हो कि विद्यार्थियों के परिवहन हेतु जिले में, लगभग 400 से अधिक स्कूली वाहन संचालित हैं। इस संबंध में माननीय उच्चतम् न्यायालय द्वारा स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन हेतु 18 सूत्रीय मार्गनिर्देशिका जारी किया हैं, जिनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित जाने हेतु समस्त विद्यालयों को इस संदर्भ में अवगत कराई गई है।
जिले के ऐसे समस्त विघालयों को स्कूली बसों में बच्चों के परिवहन कार्य के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित् करने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी 18 सूत्रीय मार्गनिर्देशिका के अनुसार:-
(अ) बस की बाहरी बनावट और पहचान:-
01- पीला रंगः स्कूली बस का रंग अनिवार्य रूप से पीला होना चाहिए।
02- स्कूल का नामः बस के चारों ओर स्पष्ट रूप से स्कूल का नाम और टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए।
03- स्कूल बस का बोर्ड: बस के आगे और पीछे ‘‘स्कूल बस‘‘ लिखा होना चाहिए।
04- अनुबंधित बसें : अगर बस किसी अन्य एजेंसी/व्यक्ति द्वारा अनुबंधित है, तो बस के आगे और पीछे “ऑन स्कूल ड्यूटी‘‘ लिखा होना अनिवार्य है।
05- खिड़की की ग्रिलः बस की सभी खिड़यिों में मजबूत क्षैतिज ग्रिल लगी
होनी चाहिए।
06- बैग रखने की जगहः विघार्थियों के स्कूल बैग रखने के लिए सीटों के नीचे सुरक्षित स्थान (ट्रे) होना चाहिए।
07- दरवाजों के ताले: बस के दवाजे सुरक्षित और मजबूत लाॅकिंग सिस्टम वाले होने चाहिए।
08- अग्निशमन यंत्रः बस के अन्दर अग्नि शमन यंत्र, हर समय चाले हालत में रखा जना चाहिए।
09- फर्स्ट-एड बाॅक्सः किसी भी आपात स्थिति के लिए बस में फर्स्ट एड बाॅक्स का होना अनिवार्य है।
10- गति नियंत्रक यंत्रः बस की अधिकतम गति नियंत्रित रखने के लिये स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
(ब) – तकनीकी और निगरानी व्यवस्थाः-
11- आपातकालीन खिड़की/दरवाजा: बस में एक आपातकालीन निकास द्वारा या आपातकालीन
खिड़की की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
12- सीसीटीवी और पैनिक बटन: प्रत्येक बस में जीपीएस और फंक्शनल सीसीटीवी कैमरे के साथ नियमानुसार व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगे होने चाहिए।
(स) – चालक और परिचालक संबंधी नियम:-
14- ड्राईव्हर का अनुभवः बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
15- यातायात रिकाॅर्ड: ड्राईव्हर का कोई भी पूर्व ट्रैफिक चालान या उसके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण/मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
16- कंडक्टर/अटेंडेंट: बस में बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए एक प्रशिक्षित परिचालक या महिला परिचालिका की उपस्थिति अनिवार्य है।
(द) – विघालय प्रबंधन का उत्तरदायित्वः–
17- क्षमता से अधिक बच्चे नहींः किसी भी स्कूल बस में उसकी निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाना चाहिए।
18- सत्यापन और समितिः बस चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है। साथ ही सुप्रींम कोर्ट के निर्देशो का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्कूल स्तर पर एक निगरानी समिति का गठन भी किया जाना चाहिए।
उक्त निर्देशों के अक्षरशः पालन के अतिरिक्त स्कूली बच्चों के स्कूल आगमन एवं वापसी के दौरान वाहन चालकों के द्वारा समक्ष सुरक्षा मानकों एवं मापदण्ड़ों का पालन प्रत्येक परिस्थिति में सुनिश्चित हों, समस्त वाहन चालकों की पुलिस वेरिफिकेशन, स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जावे। स्कूल में बच्चों के परिवहन से संबंधित सभी प्रकार के वाहन का फिटनेस जाॅच एवं वाहन से संबंधित समस्त दस्तावेज अघतन, (फिटनेस, बीमा, प्रदूषण जाॅच आदि) निर्धारित समयावधि में अवश्य की जावे, किसी भी स्थिति में खुले एवं असुरक्षित वाहनों में बच्चों का परिवहन न किया जावे। स्कूल आने के लिये नाबालिक स्कूली बच्चों के द्वारा अनाधिकृत रूप से वाहन चालन न की जावे। बालिकाओं के परिवहन संबंधी वाहनों में अनिवार्य रूप से महिला परिचारिकाओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जावे। यदि कोई स्कूल वाहन चालक लापरवाही एवं तेजी पूर्वक व यातायात नियमो का उल्लंघन करते हुये वाहन चलाता है, तो उसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से किये जाने हेतु बस की बाॅडी के दृश्य स्थल, में शिकायत संबंधी मोबाईल नम्बर अनिवार्य रूप अंकित कराया जावे। आदतन शराबी एवं नशे के आदि वाहन चालकों को किसी भी स्थिति में स्कूल वाहन चालन कार्य हेतु नहीं रखी जावे। उक्त बिन्दुओं के अतिरिक्त शिक्षा सत्र के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्त सुरक्षा मानकों एवं मापदण्ड़ों का विधिवत् पालन सुनिश्चित की जावे।
उक्त सभी दिशा निर्देश को स्कूल प्रबंधन सहित समस्त सम्बन्धित ईकाइयों व नागरिकों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ पालन करने तथा सड़कों पर सदैव सुरक्षा मानकों एवं मापदंडों को सर्वोच्च प्राथमिकता से अनुसरण करते हुए शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने अपील की गई है…
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