● कबाड़ चोर भाई मुकेश साहू के विरुद्ध खबर छापने पर पत्रकार को धमकाया
● मां-बहन की गाली,धमकी देने का ऑडियो वायरल हुआ
● पुलिस चौकी मानिकपुर कोरबा में एफ आई आर दर्ज
छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा के अवैध कबाड़ चोरी के मामले में कबाड़ चोरों का पक्ष लेकर पत्रकारों और न्यायालय में पुलिस अधिकारियों को परेशान करने वाले अधिवक्ता कमलेश साहू का असली चेहरा आखिर उजागर हो ही गया।
दरअसल कमलेश साहू अवैध कबाड़ चोर मुकेश साहू का मात्र वकील ही नहीं है , बल्कि उसका रिश्ते का भाई भी है , उसका पक्ष लेकर पत्रकारों को धमकाने भी लगा है जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कमलेश साहू कबाड़ चोर का मात्र वकील ही नहीं है ,बल्कि कबाड़ चोरी के धंधे और काली कमाई में पार्टनर भी है।
यह जगजाहिर है कि कोई भी अधिवक्ता अपने क्लाइंट का केस न्यायालय में लड़ता है लेकिन कोई अधिवक्ता अपने क्लाइंट का पक्ष लेकर सड़क पर उतर जाए, मरने- मारने की बात करने लगे, तो बात सिर्फ पेशे तक सीमित नहीं रह जाता बल्कि उसके व्यक्तिगत स्वार्थ को साबित करता है। पुलिस चौकी मानिकपुर थाना कोतवाली कोरबा में दर्ज अपराध क्रमांक 366/2026 , धारा 296, 351(2)BNS के मामले से यह स्पष्ट होता है कि अधिवक्ता कमलेश साहू कबाड़ के व्यवसाय में सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। यह उसका व्यक्तिगत मामला भी हो सकता है लेकिन किसी खबर प्रकाशम को लेकर इस प्रकार से गाली-गलौज करते हुए धमकी देना कतई उचित नहीं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 3 दिन पूर्व कोतवाली पुलिस द्वारा कबाड़ चोर मुकेश साहू के कबाड़ लोड ट्रक को रोका गया था ,लेकिन बिना कार्यवाही किए छोड़ दिया गया। योगेश सलूजा नामक पत्रकार ने मुकेश साहू के खिलाफ खबर प्रकाशित किया। इस खबर से कबाड़ चोर मुकेश साहू का भाई अधिवक्ता कमलेश साहू बौखला गया और फोन पर ही पत्रकार को मां-बहन की गाली और मारने-पीटने की धमकी देने लगा। हद तो तब हो गई जब पत्रकार को खोजते हुए मानिकपुर चौकी पहुंच गया। पत्रकार के खिलाफ 2 लाख 50 हजार रुपए मांगने का झूठा FIR कराने की धमकी देने लगा। पुलिस वाले मूक दर्शक बने रहे , काउंटर FIR करेंगे जैसी बातें होने लगी । पत्रकार योगेश सलूजा स्वयं के विरुद्ध झूठा अपराध दर्ज होने और अपनी जान के डर से रिपोर्ट किए बिना ही वापस आ गया।
आज सुबह कमलेश साहू द्वारा दिए गए गाली-गलौज और धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी तक यह बात पहुंची तो उनके निर्देश पर तब जाकर मानिकपुर चौकी में FIR दर्ज कराया जा सका।
विदित हो कि कबाड़ चोर मुकेश साहू के द्वारा कुछ दिन पूर्व CSEB चौकी क्षेत्र में वर्षों पुराने 60 मीटर लंबे लोहे के पुल को काटकर चोरी किया था, 15 लोगों से साथ वह जेल भी गया, पर इसी अधिवक्ता ने उसे जमानत पर छुड़ाया। कबाड़ चोर मुकेश साहू के चोरी के कबाड़ के विरुद्ध कार्यवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को यही अधिवक्ता कोर्ट में उल्टे-सीधे मामले लगाकर परेशान करता है। अपने क्लाइंट के पुराने विवादों को निपटाने के नाम पर उनके विवादित घर-मकान को अपने परिवार वालों के नाम पर खरीदने के भी आरोप इस पर लगते रहे हैं।
कुछ माह पूर्व सीतामणी के एक मामले में महिला ने इसके विरुद्ध छेड़छाड़ करने का भी FIR दर्ज करवाया था। यही अधिवक्ता सिविल न्यायालय पाली कोरबा में फर्जी जमातदार पेश करने के आरोप में करीब 2 माह तक जेल में रह चुका है।
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