उत्तरप्रदेश
गाजीपुर/स्वराज टुडे: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से जिले में बाढ़ और कटान का खतरा गहराता जा रहा है। बुधवार दो सितंबर को शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.390 मीटर दर्ज किया गया। यह निर्धारित खतरा बिंदु 63.105 मीटर से ऊपर है।
जलस्तर में अभी भी दो घंटे में एक सेंटीमीटर की दर से बढ़ोतरी जारी है। बढ़ते पानी को देखते हुए जमानियां, भांवरकोल, सेवराई, रेवतीपुर और करंडा क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कंकड़घाट पर बोल्डर तक पहुंचा पानी, कटान का खतरा
जमानियां क्षेत्र में गंगा का उफान
जमानियां क्षेत्र में गंगा के उफान का असर तटवर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। कंकड़घाट पर पानी बोल्डर तक पहुंच गया है। जहां कटान रोकने के लिए बड़े-बड़े बोल्डर बिछाए गए हैं, वहां स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रित है, लेकिन अन्य स्थानों पर पानी की तेज धार किनारों से टकराने के कारण मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहा है। इससे किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है। बडेसर गांव में पूर्व में आई बाढ़ के दौरान सैकड़ों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। ग्रामीणों ने कटान की रोकथाम के लिए मुनान घाट, हरपुर घाट, सबलपुर घाट और मंझरिया घाट के पास बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है।
नाव से बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण
तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने राजस्व कर्मियों और ग्राम प्रधानों के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने सबलपुर कला, सबलपुर खुर्द, रामपुर पट्टी, सरनाम, मलसा, करेला कला, करेला खुर्द और चक पुरुषोत्तम दास सहित विभिन्न गांवों में स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर लगाए गए हैं। लोगों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए राजस्व कर्मियों को मुस्तैद किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से निचले इलाकों से दूर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रहने की अपील की। वहीं क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी ने पुलिस कर्मियों के साथ पक्का बलुआ घाट का निरीक्षण किया। गंगा का पानी बढ़ने से श्मशान घाट डूब गया है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए घाट पर दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
भांवरकोल में खिसके बोल्डर, पानी घटने पर होगी मरम्मत
भांवरकोल में भी गंगा तट की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। मंगलवार को देवकली पंप नहर प्रथम खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने जेई विवेक कुमार चौरसिया और ग्रामीण अशोक राय के साथ नाव से शेरपुर, सेमरा, नब्बे, छानबे और बच्छल का पुरा सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। नब्बे में बाहरी पानी आने के कारण बोल्डर पिचिंग के कुछ पत्थर खिसक गए हैं। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पानी कम होने के बाद इन्हें व्यवस्थित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर कम होने पर बच्छल का पुरा के पास तट सुरक्षा की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद यहां बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जाएगा।
सेवराई में 15 बाढ़ चौकियां और 30 नावें सक्रिय
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सेवराई तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा और उपजिलाधिकारी सेवराई गजराज सिंह यादव के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। नरवा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, स्नान पर आवश्यक अंकुश लगाने और बांस की फट्टी लगाकर सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए गए। केंद्रीय जल आयोग की सूचना के आधार पर अगले 24 से 48 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई गई है। सेवराई में 15 बाढ़ चौकियां, पांच बाढ़ शरणालय और 30 नावें सक्रिय हैं। पीएसी की टीमें भी तैनात की गई हैं। राहत सामग्री, बाढ़ राहत किट और शरणालयों में भोजन की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रेवतीपुर में खेत डूबे, नाव बनी सहारा
रेवतीपुर। क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी से खेतों की ओर फैल रहा है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। इससे फसलों और पशुओं के चारे को नुकसान की आशंका है। ग्रामीण पशुओं को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं। हसनपुरा के लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र सहारा नाव रह गई है। जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो रामपुर के लोगों को भी नाव के सहारे आवागमन करना पड़ सकता है। कई प्रमुख मार्गों पर पानी चढ़ने से आवागमन बाधित है। मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र और रिहायशी झोपड़ियां भी पानी से घिरने लगी हैं।
करंडा में 20 बीघा धान की फसल जलमग्न
करंडा। क्षेत्र में चौचकपुर के आसपास करीब 20 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। भरकुंडी नाले के पास भी खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट सकता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को समय रहते सुरक्षित ऊंचे स्थानों या बाढ़ शरणालयों में पहुंचाने को कहा गया है। लोगों को बाढ़ के पानी में जाने, तैरने और तेज बहाव के पास जोखिम उठाने से बचने की सलाह दी गई है। नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने पर रोक लगाई गई है। प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट और लाइफ रिंग रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की नजर निचले इलाकों के साथ कटान प्रभावित क्षेत्रों पर भी बनी हुई है। लगातार बढ़ता जलस्तर और तटों पर तेज धार आने वाले दिनों में चुनौती बढ़ा सकती है।

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