छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: जातिगत आरक्षण की समीक्षा कर वास्तविक जरूरतमंदों को अवसर दिए जाने संबंधी अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह के बयान पर जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष एवं पार्षद मानिकपुर नारायण लाल कुर्रे की प्रतिक्रिया सामने आई है।
नारायण लाल कुर्रे ने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक एवं जातिगत आधार पर मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक देश में ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में लंबे समय से जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता रही है। ऐसे में आरक्षण को केवल आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। आरक्षण का उद्देश्य उन वर्गों को सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक रूप से आगे लाना है, जिन्हें लंबे समय तक भेदभाव और वंचना का सामना करना पड़ा है।
नारायण लाल कुर्रे ने स्पष्ट कहा कि जब तक समाज में ऊंच-नीच का भेदभाव बना रहेगा, तब तक आरक्षण मिलते रहना चाहिए।
गौरतलब है कि अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने अपने बयान में जातिगत आरक्षण की समीक्षा करते हुए आर्थिक स्थिति, सामाजिक पिछड़ापन और वास्तविक जरूरतमंदों को भी आरक्षण व्यवस्था में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की थी। उनके इस बयान के बाद जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष नारायण लाल कुर्रे की उक्त प्रतिक्रिया सामने आई है।
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