मध्यप्रदेश
इंदौर/स्वराज टुडे: भवानीमंडी राजस्थान से इंदौर में मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे देहदानी स्वर्गीय मोहनलाल खंडेलवाल के परिवार ने देहदान को पारिवारिक परंपरा के रूप में स्वीकार किया जिसका उदाहरण उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शांतिदेवी के मरणोपरांत किया गए देहदान से सार्थक होता दिखायी दे रहा है।
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार सदस्य – डॉ भरत शर्मा ने ऐसे पुण्य प्रकल्प की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन के अंत को अनंत की और ले जाने यह प्रकल्प निश्चित रूप से चिकित्सा जगत में अपनी ओर से आहुति देने के समान ही है । एक देहदान कई शारीरिक कमियों को पूर्ण कर कई जिंदगी में स्वस्थ जीवन जीने का प्रयास करता है। यह प्रकल्प अनुकरणीय है और समाज के लिए यह परिवार प्रेरक है।
स्वर्गीय शान्तिदेवी खंडेलवाल के मरणोपरांत आयोजित शोक सभा में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार सदस्य – डॉ भरत शर्मा की अध्यक्षता में एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के डॉ राजेंद्र मारके और मुस्कान सोसाइटी के जीतू बंगानी व अन्य पदाधिकारियों ने खण्डेलवाल समाज के विशिष्ठ समाजसेवी दिनेश कुलवाल और संतोष माछीवाल की मौजूदगी में प्रमाण पत्र स्वर्गीय शांतिदेवी खण्डेलवाल के पारिवारिक सदस्यों विनोद खंडेलवाल, अरुण खंडेलवाल, राकेश खंडेलवाल और संदेश खंडेलवाल को प्रदत्त किया। उक्त अवसर पर विभिन्न समाज के विशिष्ठजन प्रमोद जैन, राजेश विजयवर्गीय, सुनील रावत, राजीव झालानी, दीपक शास्त्री आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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