लखनऊ/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश विजिलेंस की टीम ने परिवहन विभाग के रिटायर अफसर ललित कुमार के ठिकानों पर छापेमारी कर अकूत संपत्ति बरामद की है. छापेमारी में करीब 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दावा है कि विजिलेंस टीम को ललित कुमार से जुड़े बंगले, कोठियां, दुकानें, मकान, खेत और अन्य संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं.
मालूम हो कि ललित कुमार आगरा के पूर्व असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) रह चुके हैं. ललित कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है. छापे में मिली दौलत देखकर टीम भी हैरान रह गई. ट्रांसपोर्ट विभाग का एक रिटायर अफसर और इतनी बेहिसाब संपत्ति? अब यही सवाल जांच के घेरे में है. राज्य सरकार के निर्देशों पर यह जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट, लखनऊ सेक्टर कर रहा है. विजिलेंस टीम ने 7 और 8 जुलाई को अलीगंज में ललित कुमार के घर की तलाशी ली.
तलाशी में 1.62 करोड़ रुपये जब्त
अधिकारियों ने कहा कि तलाशी में लगभग 1.62 करोड़ रुपये कैश जब्त किया गया, जिसे कथित तौर पर बंडलों में पैक करके घर के अंदर अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था. जगह की अच्छी तरह तलाशी लेने के बाद कैश बरामद किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई कीमती चीजों में लगभग 13 किलोग्राम सोना और 9 किलोग्राम चांदी भी शामिल है. इनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई. कैश और कीमती सामान के अलावा, जांच करने वालों को कई प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट मिले, जिनसे चल और अचल संपत्तियों में बड़े निवेश का पता चला. शुरुआती जांच में लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में कम से कम 15 प्रॉपर्टी के मालिकाना हक या उनमें निवेश का पता चला, जिनमें रहने वाले घर, प्लॉट, खेती की ज़मीन और फ्लैट बुकिंग शामिल हैं.
तलाशी के दौरान मिली अचल संपत्तियों में अलीगंज, लखनऊ में 2 रहने वाली प्रॉपर्टी; लखनऊ में भरावन कला, इस्माइलगंज और वृंदावन योजना में रहने वाले प्लॉट; अलीगंज के बनारसी टोला में एक रहने वाला घर, मोहनलालगंज, बेगरिया, बाराबंकी और रायबरेली में खेती की ज़मीन, लखनऊ और नोएडा में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में फ्लैट बुकिंग शामिल हैं.
लगभग 13 करोड़ की हैं अचल संपत्तियां
अधिकारियों ने पहचानी गई अचल संपत्तियों की कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये आंकी है. विजिलेंस ने कहा कि जांच जारी है और ललित कुमार की आय के ज्ञात स्रोतों से ज्यादा कथित तौर पर हासिल की गई संपत्तियों का पता लगाने के लिए मिले डॉक्यूमेंट की जांच की जा रही है. जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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