नई दिल्ली/स्वराज टुडे: निर्धन, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। इनमें से अनेक योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है । आइए आज हम क्रमवार आपको समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी विस्तार से दें ताकि आप किसी योजना का लाभ उठाने से वंचित ना रह जाएं।
1) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
उद्देश्य – इस योजना का उद्देश्य ऐसे निराश्रित व गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्ध जिनके पास जीविको पार्जन साधन न हो उन्हें सम्मान पूर्वक जीवन-यापन करने हेतु रुपये 500/-प्रतिमाह (60 वर्ष या अधिक) एवं रुपये 650/- प्रतिमाह (80 वर्ष या अधिक) आर्थिक सहायता प्रदाय किया जाता है।
पात्रता – ● 60 वर्ष या उससे ऊपर के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजन ।
● 60 से 79 आयु वर्ष 500/- प्रतिमाह (200/- केन्द्रांश, 300 /- राज्यांश)
● 80 वर्ष या ऊपर आयु – 650/- प्रतिमाह (500/- केन्द्रांश, 150/- राज्यांश)
आवेदन/चयन प्रक्रिया:- आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर शहरी त्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में देना होगा। ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित नगरीय कायों / जनपद पंचायतों को स्वीकृत / अस्वीकृत करने के अधिकार है।
2) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
उद्देश्य :- इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की विधवा महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाता है।
● 500/- रु. प्रतिमाह (केन्द्रांश 300/-, राज्यांश 200/-)
पात्रता :-40 से 79 वर्ष आयु वर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली विधव / महिला ।
आवेदन/चयन प्रक्रिया :- आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर शहरी क्षेत्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में देना होगा। ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित नगरीय निकायों / जनपद पंचायतों को स्वीकृत / अस्वीकृत करने के अधिकार है।
3) इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना
उद्देश्य :- इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के दिव्यांग को सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाता है।
● 500/- रु. प्रतिमाह (केन्द्रांश 300/-, राज्यांश 200/-)
पात्रता :- 18 वर्ष से 79 वर्ष आयु वर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गंभीर एक ही प्रकार के दिव्यांगता में 80 प्रतिश् त अथवा बहु विकलांग दिव्यांग ।
आवेदन / चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर शहरी क्षेत्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में देना हो। ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित नगरीय निकायो / जनपद पंचायतो को स्वीकृत / अस्वीकृत करने के अधिकार है।
4) सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
उद्देश्य – इस योजना का उद्देश्य समाज के गरीबी रेखा के नीचे, जीवन यापन करने वाले दिव्यांग निराश्रित बौने बंधु व्यक्तियों को जो अपना जीविको पार्जन चलाने में असमर्थ है। उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के लिए रुपये 500/- प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है।
पात्रता – (अ) निम्नांकित श्रेणी के निराश्रित व्यक्ति
1. बी.पी.एल. 2002 की सूची के अनुसार नाम होने वाले व्यक्ति ।
2. 6 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्ति (उपरोक्त में से 6 से 17 वर्ष के निःशक्त व्यक्तियों को सहायता की पात्रता तभी होगी जब वे किसी स्कूल में भर्ती होकर वहां पढ़ाई कर रहें हो
3. 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दिव्यांगजन जो 40 प्रतिशत से अधिक हो।
4. 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बौने बंधु ।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर शहरी क्षेत्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में देना होगा ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित नगरीय निकायो / जनपद पंचायतो को स्वीकृत अस्वीकृत करने के अधिकार है।
5) सुखद सहारा योजना
उद्देश्य :- इस योजना का उद्देश्य विधवा / परित्यक्ता महिलाओं को अर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने हेतु रुपये 500/- प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदाय किया जाता है।
पात्रता – 18 से 39 वर्ष आयु की निराश्रित विधवा, परित्यक्ता महिलायें ।
आवेदन / चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर १ हरी क्षेत्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित मारीय निकायों/जनपद पंचायतों को स्वीकृत / अस्वीकृत करने के अधिकार ।
6) मुख्यमंत्री पेंशन योजना
उद्देश्य :- इस योजना से सामाजिक, आर्थिक एवं जाति गणना 2011 की सर्वे सूची के आधार पर सूचीबद्ध वरिष्ठ नागरिकों विधवा, परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने हेतु 500/- प्रति माह सहायता प्रदान किया जाना है।
पेंशन हेतु पात्रता :-
1) 60 वर्ष या अधिक आयु के वृद्ध ।
2) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की विधवा या विवाह उपरान्त परित्यक्ता महिलायें ।
3) छत्तीसगढ़ का मूल निवासी ।
4) नगरीय क्षेत्र के स्थिति में आवेदक का नाम सामाजिक आर्थिक एवं जाति गणना 2011 की सर्वेक्षण सूची में उल्लेखित घास का छत / छप्पर, प्लास्टिक / पॉलिथीन के छप्पर, पत्थर / स्लेट के छत एवं बेघर तथा बिना कमरे वाले निवासरत् परिवार की सूची में हो।
5) ग्रामीण क्षेत्र के स्थिति में आवेदक का नाम सामाजिक आर्थिक एवं जाति गणना 2011 की सर्वेक्षण सूची के स्वतः सम्मिलित सूचकांक एवं वंचन सूचकांक के कम से कम एक वंचन सूचकांक वाले परिवार की सूची में हो।
7) राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना
उद्देश्य :- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के ऐसे सदस्य की मृत्यु होने पर जिसकी कमाई के अधिकांशतः परिवार का गुजारा चलाता हों, ऐसे परिवार के मुखिया को 20000 /- रुपये एकमुश्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
पात्रता – गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सूची में नाम हो । मृतक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच में हो।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर हरी क्षेत्र के लिए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में देना हो ।।। ग्राम पंचायत अपने अनुशंसा के साथ आवेदन पत्र संबंधित जनपद पंचायत को अग्रेषित करेगी। संबंधित नगरीय निकायों / जनपद पंचायतों को स्वीकृत / अस्वीकृत करने के अधिकार हैं।
लाभान्वितों की संख्या – वर्ष 2023-24 में 540 परिवारों को सहायता राशि प्रदान की गई थी ।
8) कृत्रिम अंग/उपकरण प्रदाय योजना
उद्देश्य – दिव्यांग व्यक्तियों को दिव्यांगता न्यूनतम पर गतिशीलता बढ़ाना ।
पात्रता – छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी हो। दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। माता-पिता / अभिभावक या स्वयं की मासिक आय 8000/- रु. प्रतिमाह तक निःशुल्क एवं 8000/- से अधिक होने पर 50 प्रतिशत ।
मिलने वाले लाभ – योजनान्तर्गत, मोटराईज्ड ट्रायसायकल, ट्रायसायकल, बैसाखी, श्रवणयंत्र, ब्रेल किट, व्हील चेयर, कैलिपर्स, स्मार्ट फोन, श्वेत छड़ी, एल्बोक्रचर आदि ।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र के साथ जिला कार्यालय समाज कल्याण में प्रस्तुत करना होगा।
9) दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना
उद्देश्य – विवाहित दिव्यांग जोड़ों को विवाह पश्चात् सामाजिक पुनर्वास की दृष्टि से विवाह हेतु रुपये 50000/- एक मुश्त एवं दोनों दिव्यांग हो तो 1,00,000/- रु. एक मुश्त आर्थिक सहायता प्रदाय किया जाता हैं।
पात्रता – कोरबा जिले का मूल निवासी हो । निःशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। आयकर दाता न हो। विवाह के 6 माह के भीतर आवेदन करना करना अनिवार्य होगा।
आवेदन / चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर जिला कार्यालय समाज कल्याण में प्रस्तुत करना होगा । स्वीकृत / अस्वीकृत करने का अधिकार जिला कलेक्टर को है।
लाभान्वितों की संख्या – वर्ष 2023-24 में 11 विवाहित दिव्यांगजन जोड़ों को प्रोत्साहन राशि से लाभान्वित किया गया।
10) दिव्यांगजनों के लिए स्व-रोजगार हेतु ऋण योजना
उद्देश्य – दिव्यांग व्यक्तियों के आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराते हुए रोजगार / स्वरोजगार हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करना ।
पात्रता – 18 से 60 वर्ष के 40 प्रतिशत या उससे अधिक आयु के निःशक्तजन, जिसकी आय शहरी क्षेत्र में 2 लाख रुपये प्रतिवर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 60 हजार रुपये से अधिक न हो।
मिलने वाले लाभ –
(1) 50000 /- रुपये तक 5 प्रतिशत ब्याज दर ।
(2) 50000 /- रुपये से 5 लाख रुपये तक 6 प्रतिशत ब्याज दर
(3) 5 लाख रुपये से अधिक (शिक्षा / प्रशिक्षण हेतु ऋण) 8 प्रतिशत सभा ऋण 10 वर्ष के भीतर वापस किए जा सके।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र जिला कार्यालय समाज कल्याण विभाग की अनुशंसा से प्रबंध संचालक, छ.ग. निःशक्तजन वित्त एवं विकास रायपुर को प्रेषित करना होगा। संचालक मंण्डल की सहमति पर प्रकरण राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राशि स्वीकृत की जावेगी।
लाभान्वितों की संख्या – योजना के प्रारंभ से 34 दिव्यांगजनों को स्व-रोजगार हेतु ऋण प्रदाय किया गया।
11) सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
उद्देश्य – दिव्यांग मेधावी व्यक्तियों को सिविल सेवा के क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की जा रही है। इससे अन्य दिव्यांग व्यक्ति प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित होंगे और आगामी तैयारी हेतु आर्थिक सहयोग प्राप्त हो सकेगा।
पात्रता –
1. 40 प्रतिशत या उससे अधिक के निःशक्तजन ।
2. आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी हो ।
3. संघ / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ।
मिलने वाले लाभ –
1. प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर राशि रुपये 20,000 / – एकमुश्त ।
2. मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर राशि रुपये 30,000/- एकमुश्त ।
3. संघ / छत्तीसगढ़ लोक सेवा में चयन होने पर राशि रुपये 50,000/-एकमुश्त ।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन संयुक्त / उप संचालक, समाज कल्याण जिला कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है।
12) दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना
उद्देश्य – दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करना।
पात्रता –
(1) दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो ।
(2) शाला / महाविद्यालय / तकनीकी शाला का नियमित छात्र हो ।
(3) माता-पिता/अभिभावक की मासिक आय रुपये 8000/- प्रतिमाह से कम हो।
मिलने वाले लाभ –
(1) कक्षा पहली से पांचवीं तक 150 रुपये ।
(2) कक्षा छठवीं से आठवीं तक 170 रुपये ।
(3) कक्षा नवमीं से बारहवीं तक 190 रुपये ।
आवेदन/चयन प्रक्रिया – आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर संस्था प्रमुख के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित जनपद पंचायत एवं शहरी क्षेत्र के लिए उप संचालक समाज कल्याण को प्रस्तुत करना होगा।
लाभान्वितों की संख्या – वर्ष 2023-24 में 332 दिव्यांगजन छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया।
13) उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि
उद्देश्य – आर्थिक अभाव एवं दिव्यांगता के कारण मेधावी दिव्यांग बच्चे उच्च शिक्षा प्रापत करने से वंचित हो जाते है, जिन्हें संबल प्रदान करने के लिए माध्यमिक / उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले निःशक्त विद्यार्थियों एवं तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत् नियमित छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाना है।
पात्रता –
1. छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो।
2. दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो।
3. जिला अंतर्गत माध्यमिक / उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में दिव्यांगजनों की श्रेणी में सर्वाधिक अंक प्राप्त किया हो । अथवा
5. चिकित्सा / तकनीकी / व्यवसायिक शिक्षा में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्ययनरत नियमित विद्यार्थी ।
मिलने वाले लाभ –
1. जिले के माध्यमिक परीक्षा (दसवीं) में सर्वाधिक अंक पाने वाले दिव्यांग छात्र तथा छात्रा को राशि रुपये 2000/- एकमुश्त ।
2. जिले में उच्चतर माध्यमिक परीक्षा (बारहवीं) में सर्वाधिक अंक पाने वाले निःशक्त छात्र तथा छात्रा को राशि रुपये 5000/- एक मुश्त ।
3. आई.टी.आई. / पोलिटेकनिक / स्नातक एवं स्नातकोत्तर (कला, वाणिज्य एवं विज्ञान) पर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को राशि रुपये 6000 /- रुपये प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि ।
4. चिकित्सा / तकनीकी / व्यवसायिक शिक्षा में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्ययनरत विद्यार्थियों को राशि रुपये 12000 /- रुपये प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि
आवेदन/चयन प्रक्रिया –
आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र संलग्न कर संयुक्त संचालक / उप-संचालक जि कार्यालय समाज कल्याण विभाग को आवेदन करना होगा।
लाभान्वितों की संख्या – वर्ष 2023-24 में 32 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया गया।
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