छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: माननीय विशेष न्यायाधीश (विद्युत) श्री सन्तोष शर्मा द्वारा स्पेशल केस (इलेक्ट्रिसिटी) क्रमांक 37/2025 में दिनांक 25 जून 2026 को महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया। न्यायालय ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धाराओं 135 एवं 138 के तहत अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तथ्यों को स्वीकार करते हुए अभियुक्त को दोषी ठहराया।
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प्रकरण में परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री धनेश कुमार सिंह ने प्रभावशाली एवं तथ्यपरक पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा। उनकी प्रभावी दलीलों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध दोषसिद्धि का निर्णय पारित किया।
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माननीय विशेष न्यायाधीश (विद्युत) श्री सन्तोष शर्मा ने अपने निर्णय में अभियुक्त पर विधि अनुसार अर्थदंड अधिरोपित किया तथा अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास का भी आदेश दिया। साथ ही, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 154(5) के अंतर्गत अभियुक्त पर ₹5,320/- का सिविल दायित्व भी निर्धारित किया।
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यह निर्णय विद्युत चोरी जैसे अपराधों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण संदेश है तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री धनेश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई से विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा और विधि के शासन में आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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