नई दिल्ली/स्वराज टुडे: सीनियर महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी।
इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में ”पक्षपातपूर्ण फैसलों” की आशंका भी जताई। विनेश ने लगभग 18 महीनों के बाद वापसी करने से पहले एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थल पर होने वाली प्रतियोगिता के परिणामों पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख के करीबी व्यक्ति प्रभाव डाल सकते हैं। वहीं विनेश ने खुलासा किया है कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
भारत सरकार जिम्मेदार होगी
विनेश ने कहा, ”प्रतियोगिता के दौरान अगर मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी।” उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया और खेल समुदाय से आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। विनेश ने कहा, ”यह टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है जहां उनका (बृज का) काफी प्रभाव है। किसी मुकाबले में कौन रेफरी होगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन होगा, सब कुछ उनके और उनके लोगों के नियंत्रण में है।”
पिछले कुछ महीनो से अभ्यास कर रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह ”ईमानदारी से” कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं और देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ”मुझे किसी तरह का विशेषाधिकार या विशेष व्यवहार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि परिणाम प्रदर्शन के अनुकूल हों।” गौरतलब है कि विनेश अब राजनीतिज्ञ भी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव जीता था।
छह महिला पहलवानों में से एक हूं
विनेश ने एक ऐसे माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की जिसे उन्होंने शत्रुतापूर्ण करार दिया, क्योंकि वह सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में एक शिकायतकर्ता है। विनेश ने पीड़ितों की पहचान और गरिमा को लेकर उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा, ”मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। मामला अभी अदालत में है और गवाहों से पूछताछ चल रही है। उससे जुड़े किसी स्थान पर प्रतिस्पर्धा करना, जहां अधिकतर लोग उससे संबंधित हो सकते हैं, मुझ पर अत्याधिक मानसिक दबाव बनाता है।”
विनेश ने कहा, ”मुझे संदेह है कि मैं उस माहौल में अपना शत प्रतिशत दे पाऊंगी।” उन्होंने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय ”तमाशबीन की तरह देख रहे थे” और उन्होंने सिंह को ”पूरी छूट” दे दी थी। विनेश गोंडा में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। इससे पहले वह 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं।
विनेश ने 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों में अधिक वजन के कारण फाइनल से अयोग्य घोषित होने के बाद से किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उससे पहले सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रमुख पहलवानों और डब्ल्यूएफआई के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना रहा था।
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