उत्तरप्रदेश
फतेहपुर/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के साथ घूमने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शिकंजा बेहद सख्त कर दिया है। फरार मुख्य आरोपी और भाजपा नेता बबलू सिंगरौर पर प्रयागराज जोन के एडीजी ने इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है। पुलिस की 7 टीमें मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आरोपी की तलाश में खाक छान रही हैं।
3 घंटे तक बंधक बनाकर की दरिंदगी, ऑनलाइन वसूले पैसे
यह रूहकंपा देने वाली घटना 24 अप्रैल की है। पीड़िता अपने मंगेतर के साथ अपनी बुआ के घर जा रही थी। गर्मी और धूप की वजह से वे रास्ते में एक जगह रुककर कोल्ड-ड्रिंक पीने लगे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। मंगेतर को बंधक बनाकर उसके सामने ही युवती के साथ 3 घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने न केवल मारपीट की बल्कि अश्लील वीडियो बनाए और पीड़ित पक्ष से डरा-धमकाकर 2500 रुपये ऑनलाइन पेटीएम के जरिए ट्रांसफर भी करवा लिए।
इटारसी रेलवे जंक्शन पर दिखा आरोपी
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि फरार चल रहे बबलू सिंगरौर को 28 अप्रैल को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे जंक्शन पर देखा गया है। पुलिस को वहां का सीसीटीवी फुटेज मिल गया है, जिसमें वह भागता हुआ नजर आ रहा है। एक विशेष टीम लगातार उसका पीछा कर रही है और दावा किया जा रहा है कि वह जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
पुलिस की लापरवाही पर गिजी गाज
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे थे। पीड़ित मंगेतर का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर खागा कोतवाली पहुंचे, तो उन्हें वहां से भगा दिया गया और घंटों इंतजार कराया गया। मामला जब एसपी तक पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर रमेश कुमार पटेल को लाइन हाजिर किया और चौकी प्रभारी अनीस सिंह को निलंबित कर दिया।
विधायक पर आरोपी को बचाने का आरोप, परिवार को मिल रही धमकियां
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी भाजपा में पदाधिकारी है और स्थानीय विधायक उसे बचाने का प्रयास कर रही हैं। परिवार का यह भी दावा है कि उन पर सुलह करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और 8 लाख रुपये का लालच दिया जा रहा है। नाम न हटाने पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाया है कि आखिर अब तक आरोपी के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?
दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो अन्य आरोपियों, युवराज और ललित को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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