छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, कोरबा द्वारा अपने 90वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में “नई सोच नई उड़ान युवा देश की शान” विषय पर युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन विश्व सद्भावना भवन, ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में शिक्षा, संस्कार, नवाचार, सेवा एवं उत्कृष्टता के मूल्यों का विकास कर उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्माकुमारी छाया दीदी (इंदौर) एवं ब्रह्माकुमारी रचना दीदी (इंदौर) उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में रोटरी क्लब के अध्यक्ष श्री नितिन चतुर्वेदी जी तथा छतीसगढ़ हेल्थ एंड वेलफेयर सोसायटी, कोरबा के सदस्य श्री रोहित कश्यप जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी, ब्रह्माकुमारी बिंदु दीदी, ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी सहित बड़ी संख्या में युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। ब्रहमाकुमार सूरज द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात युवाओं द्वारा प्रेरणादायी यूथ सॉन्ग प्रस्तुत किया गया तथा बच्चों ने सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी द्वारा किया गया। ब्रह्माकुमारी रचना बहन, कोरबा ने संस्था का परिचय देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सेवाओं, आध्यात्मिक गतिविधियों तथा समाज निर्माण में संस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में श्री नितिन चतुर्वेदी जी ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन, सेवा भावना एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज का युवा यदि अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हो जाए तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
श्री रोहित कश्यप जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
ब्रह्माकुमारी बिंदु दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि श्रेष्ठ संस्कार एवं सकारात्मक सोच भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को समय का सदुपयोग करने तथा आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी ने कहा कि युवा राष्ट्र की रीढ़ हैं। यदि युवा अपने चरित्र, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाएं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार एवं संस्कारवान बनने का संदेश दिया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में ब्रह्माकुमारी रचना दीदी (इंदौर) ने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा अपनी सोच को ऊँचा रखें और अपने जीवन को श्रेष्ठ कार्यों में लगाएं। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, आत्मसम्मान एवं आध्यात्मिकता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी युवाओं को ‘एक हैं हम” का संकल्प दिलाते हुए राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई।
ब्रह्माकुमारी छाया दीदी (इंदौर) ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन की वास्तविक शक्ति उसके विचारों में होती है। सकारात्मक और शक्तिशाली विचार व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकते हैं। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के महत्व को बताते हुए सभी को मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और कार्यक्रम से प्रेरणा प्राप्त की। अतिथियों ने आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नैतिक उत्थान और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “साथ ही बी.के. नीलिमा दास को शॉटपुट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर उपस्थित जनों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।” अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं सौगात (ईश्वरीय उपहार) भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, युवाओं एवं भाई-बहनों का आभार व्यक्त किया गया। तत्पश्चात सभी को प्रभु प्रसाद वितरित किया गया। विश्व शांति, मानव कल्याण एवं विकसित भारत के संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
यह भी पढ़ें: बेटे का शव देखकर माँ ने भी तोड़ा दम, जब घर से एक साथ निकली माँ बेटे की अर्थी तो रो पड़ा सारा शहर

Editor in Chief





