मध्यप्रदेश
जबलपुर/स्वराज टुडे: कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब घमापुर थाना क्षेत्र की एक महिला अपनी बेटी के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंची और न्याय की मांग करते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के पैरों में गिर पड़ी।
महिला ने रोते हुए कलेक्टर को बताया कि उसे और उसकी बेटी को दबंगों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से बेहद परेशान है। इस दौरान कलेक्टर के पास खड़े जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने महिला की शिकायत सुनी। इसके बाद प्रकरण एसपी के पास भेज दिया गया।
घर में घुसकर मारपीट और कोर्ट केस वापस लेने का दबाव
इधर घमापुर थाना अंतर्गत पीड़ित महिला पूजा दुबे के मुताबिक उसके मोहल्ले में रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार से विवाद हुआ था। वह उसकी नाबालिग बेटी को ले गया। इसके बाद ही महिला ने इसका विरोध किया तो हनी और उसके परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं उसके घर में घुसकर घसीटते हुए मारा, जिसकी शिकायत उसने पुलिस में दर्ज कराई थी।
मामला वर्तमान में न्यायालय में भी विचाराधीन है। अब महिला का आरोप है कि अब उसी प्रकरण को वापस लेने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। समझौता नहीं करने पर संबंधित लोग उसके घर पहुंचकर गाली-गलौज करते हैं, बेटी और उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए धमकियां देते हैं और उसके परिवार में भय का माहौल बना रहे हैं।
घमापुर पुलिस पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप
महिला अपनी बेटी के साथ मंगलवार को उस वक्त कलेक्ट्रेट पहुंची, जब कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के दफ्तर से बाहर निकलते ही राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों का निरीक्षण करने जा रहे थे। महिला उनके पैरों में गिर गई और रोते हुए आपबीती बताई। पीड़ित महिला की शिकायत को जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने गंभीरता से सुना और तत्काल एसपी से बात कर इस पर कार्रवाई करने को कहा।
हालांकि महिला ने घमापुर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर उसकी बात सुनने के बजाय उसके और उसके पति के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। महिला ने मारपीट और अपमानित किए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
नाबालिग बेटी के अपहरण और छेड़छाड़ की शिकायत
कलेक्टर के पैरों पर गिरकर मदद की गुहार लगाने वाली पूजा दुबे शीतलामाई में रहती हैं। उसने बताया कि घर से करीब आधा किलोमीटर दूर रहने वाला हनी बेन उसकी बेटी को हर दिन छेड़ता है। जब इसकी शिकायत की तो पुलिस ने उसे थाने के खूब चक्कर कटवाए, लेकिन मदद नहीं की।
जब मैंने ही पता लगाया तो जानकारी मिली कि मेरी नाबालिग बेटी को हनी बेन गढ़ाकोटा सागर ले गया है, जिसकी जानकारी एसपी को भी दी थी। जब दो दिन बाद बेटी को वापस लाकर हमें सौंप दिया, पुलिस ने हनी के खिलाफ कार्रवाई की, उसका जुलूस भी निकाला, पर उसी दिन कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। तब से लेकर हमेशा किसी न किसी बात से वह हनी बेन और उसका पूरा परिवार परेशान कर रहा है।
होली और हालिया क्रिकेट विवाद में लोहे की रॉड से हमला
मार्च 2026 में पूजा की बड़ी बेटी रिश्तेदारों के साथ घर के बाहर होली खेल रही थी, तभी हनी बेन उसके पास आया और जबरन रंग लगाने लगा, इसका विरोध करते हुए पूजा के जीजा जो कि वहीं पर खड़े हुए थे उन्होंने उसे डांटा तो हनी ने थप्पड़ मार दिया, विवाद बढ़ने लगा तो हनी के परिवार वाले आकर मारपीट करने लगे। शिकायत पुलिस तक पहुंची तो दोनों पक्षों को समझाइश दी गई।
पूजा दुबे ने बताया कि दो दिन पहले 14 जून को मेरा 10 वर्षीय बेटा दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था, तभी हनी और अविनाश बेन की बड़ी मां पैदल आ रही थीं, धोखे से उनको बैट लग गया तो अविनाश ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर पति को लोहे की रॉड और बैट से जमकर मारा, इस दौरान आरोपियों ने छोटी बेटी जो कि दिव्यांग है, उसके साथ भी मारपीट की। पति रामचरण दुबे के सिर पर गंभीर चोट आई, जिनका जिला अस्पताल में इलाज करवाया गया।
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