● टीचर ने स्कूल में फैलाया अंधविश्वास
● बच्चों को दिखाया बीमारी का डर
● स्कूल में लाल कपड़ा नारियल लेकर पहुंची
● सोने की बाली की खोज कर रही थी टीचर
● जिला शिक्षा अधिकारी का एक्शन
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड के काठापाली प्राथमिक स्कूल में पदस्थ टीचर गीता कुम्भकार को सस्पेंड कर दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने एक्शन लिया है। दरअसल, टीचर स्कूल में लाल कपड़े में बांधा एक नारियल लेकर आई और बच्चों को बीमार होने का डर दिखाया था। जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
टीचर गीता कुम्भकार जर्वे गांव की रहने वाली हैं। उनकी पोस्टिंग बलौदा विकासखंड के काठापाली शासकीय प्राथमिक स्कूल में है। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में 23 जुलाई को उनकी एक कान की सोने की बाली कहीं गिर गई। जिसकी उन्होंने खोजबीन की लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद टीचर ने अंधविश्वास का सहारा लिया।
स्कूल में लेकर आईं नारियल और लाल कपड़ा
इसके बाद 31 जुलाई को गीता कुम्भकार लाल कपड़े में नारियल, चावल और मौली का धागा लेकर स्कूल पहुंचीं। इसके बाद वह बच्चों से गुम हुई बाली के बारे में पूछने लगीं। गीता कुम्भकार ने बच्चों के कहा कि अगर किसी को बाली के बारे में जानकारी है और वह नहीं बताएगा, तो उसे उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियों जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बच्चों को दिखाया बीमारी का डर
अपनी सोने की बाली पता करने के लिए स्कूल टीचर ने बच्चों को अंधविश्वास और लाल कपड़े का डर दिखाया। घटना की जानकारी जब बच्चों ने अपने परिजनों को दी तो परिजनों ने टीचर के खिलाफ शिकायत की।
जिला शिक्षा अधिकारी के पास जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने मामले की जांच कराई। जिसके बाद टीचर को सस्पेंड कर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने बताया कि टीचर गीता कुम्भकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसे में उन्हें सस्पेंड कर बीईओ कार्यालय बलौदा अटैच कर दिया गया है।
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