कोलकाता/स्वराज टुडे: श्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा थाने में आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। उन पर रात के वक्त घरों में जबरन घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में से एक महिला ने खुद यह शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया कि शर्मा केंद्रीय बलों के जवानों के साथ पहुंचे थे। मालूम हो कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग की ओर से पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस बीच, इलेक्शन कमीशन ने चुनाव संबंधी ड्यूटी से 2 अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों को हटा दिया है। दक्षिण 24 परगना में भास्कर पाल और बीरभूम में सौविक भट्टाचार्य के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है।
इससे पहले, फाल्टा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने शर्मा के क्षेत्र का दौरा करने पर आपत्ति जताई थी। खान ने कहा कि अगर शर्मा सिंघम हैं, तो वह पुष्पा हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी समर्थकों ने शर्मा पर पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के मतदान से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए फाल्टा में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने बताया कि अजय पाल शर्मा को तृणमूल समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने फाल्टा में जहांगीर खान के आवास के साथ-साथ उनके चुनाव कार्यालय के बाहर जय बांग्ला के नारे लगाए। निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि आयोग को खबर मिली थी कि खान के समर्थक फाल्टा में लोगों से कथित तौर पर उनके मतदाता पहचान पत्र एकत्र कर रहे थे और उन्हें धमका रहे थे, जिसके बाद शर्मा ने क्षेत्र का दौरा किया।
अधिकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सिंघम के नाम से मशहूर अजय पाल शर्मा ने फाल्टा के अपने दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि वह जहांगीर खान और उनके समर्थकों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे। शर्मा उन 95 पर्यवेक्षकों में शामिल हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया है। खान ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी की ओर से तैनात पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे।

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