अलीगढ़/स्वराज टुडे: कहते हैं ये जीवन एक पानी का बुलबुला है। कब, किसकी और कहां मौत आ जाये कहा नहीं जा सकता । ना उम्र कोई मायने रखती है ना शारीरिक स्वस्थता । दिल दहला देने वाली ऐसी ही एक खबर यूपी के अलीगढ़ से सामने आई है जहां लंच पीरियड में एक टीचर ने अपना टिफिन खोलकर मुंह में निवाला रखा और उसी पल उन्हें मौत आ गई। घटना क्लास के बच्चों के सामने हुई। बच्चों ने दौड़कर अन्य टीचरों को बुलाया लेकिन शिक्षक की जान नहीं बच पाई। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह ये दिल दहला देने वाली घटना हरदुआगंज के धनीपुर ब्लॉक के भूतपुरा कंपोजिट विद्यालय में हुई।
मामले में मिली जानकारी के अनुसार कक्षा तीन में पढ़ा रहे 45 साल के सहायक अध्यापक संतोष कुमार टिफिन खोलकर दो निवाला ही खा पाए थे कि कुर्सी पर ही अचेत होकर गिर पड़े। मुंह में निवाला फंसा रहा, मेज पर खाना खुला रहा और कक्षा में मौजूद बच्चों के सामने ही उनकी सांसें उखड़ने लगीं। साथी शिक्षकों ने सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की। हरदुआगंज सीएचसी से दीनदयाल अस्पताल तक भागदौड़ की।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण हार्टअटैक
गांधीपार्क थाना क्षेत्र के डोरीनगर निवासी 45 वर्षीय संतोष कुमार पुत्र रामदास धनीपुर ब्लॉक के भूतपुरा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्राइमरी सेक्शन में बतौर सहायक अध्यापक कक्षा तीन के क्लास टीचर थे। प्रधानाध्यापिका संगीता सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे जब सभी शिक्षक पढ़ाने में व्यस्त थे तभी कक्षा तीन का एक बालक दौड़ा आया और शिक्षक संतोष कुमार के बेहोश होने की सूचना दी। जब वह अन्य शिक्षकों को लेकर क्लास में पहुंचीं तो मेज पर खाना खुला रखा था और मृतक के मुंह में भी एक निवाला था। साथी शिक्षकों ने उन्हें बचाने के लिए उन्हें सीपीआर दिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्हें पहले हरदुआगंज सीएचसी ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें पं. दीनदयाल अस्पताल रेफर किया।
शाला परिसर में मातम का माहौल
बताया जा रहा है कि खाना खाते हुए हार्ट अटैक पड़ने से शिक्षक की मौत हो गई। सीपीआर से भी उनकी जान नहीं बच पाई। उन्हें अस्पताल ले गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम करवाया गया तो हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। उनकी निधन की खबर परिवार वालों को दी गई। खबर के बाद से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, स्कूल के छात्रों और अन्य शिक्षकों में भी दुख का माहौल है। उनकी कक्षा के बच्चों के सामने उनका निधन हो गया। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि शिक्षक की मौत अत्यंत दुखद है। उनको बचाने के लिए कोशिश की गई लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
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