छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: ऊर्जाधानी के कोरबा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों धार्मिक व सांस्कृतिक पर्वों के बहाने सियासी तपिश भी साफ देखने को मिल रही है। रक्षाबंधन और तीज पर्व के अवसर पर शहर के दो प्रमुख राजनीतिक धड़ों के बीच आधी आबादी यानी मातृशक्ति को साधने की जबरदस्त होड़ मची हुई है। एक तरफ जहां रक्षाबंधन पर प्रदेश के श्रम मंत्री व कोरबा विधायक लखन लाल देवांगन के बंगले पर हजारों महिलाओं ने पहुंचकर रक्षासूत्र बांधा और उपहार प्राप्त किए। दूसरी ओर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस बार रक्षाबंधन के बजाए तीजा पर भव्य आयोजन कर महिलाओं को साड़ियां भेंट की। डीडीएम रोड पर आयोजित विशाल कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की उपस्थिति में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने हजारों महिलाओं को साड़ी प्रदान की गई। इस दौरान जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे इस परंपरा को हर साल निभाते रहेंगे।
मंत्री लखन लाल देवांगन के बंगले पर लगी 1 किमी लंबी कतार
सीएसईबी चौक के समीप मंत्री लखन लाल देवांगन के बंगले पर राखी बंधवाने के लिए महिलाओं का हुजूम उमड़ा था। कतार इतनी लंबी थी कि लगभग 1 किलोमीटर तक महिलाएं खड़ी नजर आईं। मंत्री देवांगन ने 10 हजार से अधिक महिलाओं के शामिल होने का दावा करते हुए सभी को साड़ी और मिठाई का डिब्बा उपहार स्वरूप प्रदान किया।
चेहरा बदला, लेकिन नहीं बदली ‘साड़ी सियासत’ की परंपरा
कोरबा में रक्षाबंधन पर साड़ियां बांटकर महिलाओं का दिल जीतने का यह सिलसिला नया नहीं है। पूर्व में जब जयसिंह अग्रवाल मंत्री थे, तब उनके बंगले पर ऐसे आयोजन होते थे। अब सत्ता परिवर्तन के बाद मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया है। दोनों ही पक्ष इसे विशुद्ध रूप से सांस्कृतिक और आत्मीय आयोजन बता रहे हैं, लेकिन राजनीति के गलियारों में इसे वोट बैंक को सहेजने की कवायद के रूप में ही देखा जा रहा है।
सत्ता पक्ष पर भारी पड़ी विपक्ष का साड़ी वितरण, कांग्रेस की साख मजबूत
कोरबा में रक्षाबंधन और तीज पर्व के अवसर पर आयोजित साड़ियां वितरण के कार्यक्रमों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय राजनीति में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साड़ी वितरण कार्यक्रम इस बार नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की मौजूदगी और अपार भीड़ से विपक्ष का आयोजन सत्ता पक्ष के आयोजन पर भारी पड़ता नजर आया। विपक्ष के भव्य आयोजन और महिलाओं की उमड़ी अपार भीड़ ने सत्ता पक्ष के शक्ति प्रदर्शन को कड़ी चुनौती दी है, जिसकी चर्चा अब शहर के राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है।
(विशेष रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार तपन चक्रवर्ती की कलम से)

Editor in Chief


