महाराष्ट्र
औरंगाबाद/स्वराज टुडे: औरंगाबाद जिले के सदर अस्पताल परिसर में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्रेम प्रसंग और दूसरी शादी की तैयारी को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई. इमरजेंसी वार्ड के समीप शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और अस्पताल परिसर करीब दो घंटे तक रणक्षेत्र बना रहा. घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया और इलाज कराने पहुंचे मरीजों व उनके तीमारदारों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई.
5 बच्चों की मां से शादी करने का आरोप
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है. परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार युवक पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं. आरोप है कि वह अपनी पत्नी और मासूम बच्चों को छोड़कर पांच बच्चों की मां एक अन्य महिला से दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा था. जब इस बात की जानकारी युवक के परिजनों को लगी तो उन्होंने कड़ा विरोध किया और घर पर उसके साथ मारपीट की.
कागजात बनवाकर अस्पताल पहुंचा था युवक
घर पर हुए विवाद में घायल होने के बाद युवक अपनी प्रेमिका के साथ कानूनी कागजात तैयार करवाने सिविल कोर्ट पहुंचा और वहां से इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आया. इसकी भनक जब उसके पिता (जो शहर की एक गैस एजेंसी में वाहन चालक हैं) और अन्य परिजनों को लगी, तो वे लाठी-डंडे लेकर अस्पताल पहुंच गए. अस्पताल परिसर में युवक और उसके साथ मौजूद महिला को देखते ही परिजन भड़क गए और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे.
जेवरात और मंगलसूत्र महिला को देने का आरोप
युवक के परिजनों ने उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपनी गाढ़ी कमाई से भतीजी के लिए बनवाए गए सोने-चांदी के आभूषण, मंगलसूत्र और सोने की चेन आदि सामान उस महिला को दे दिए हैं. इसी बात को लेकर परिवार के सदस्यों में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त था.
डायल 112 और नगर पुलिस ने शांत कराया मामला
सदर अस्पताल में दो घंटे तक चले हंगामे की सूचना अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने तुरंत नगर थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर थाने ले आई.
‘दोनों पक्षों को समझाकर भेजा गया’: नगर थानाध्यक्ष
“सदर अस्पताल में पारिवारिक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया और थाने लाकर पूछताछ की. दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है.” – बबन बैठा, नगर थानाध्यक्ष, औरंगाबाद
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