नई दिल्ली/स्वराज टुडे: गुजरात के राजकोट में 30 एकड़ में फैली कंपनी- पान हेल्थ। आज से करीब 9 साल पहले जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि आने वाले दिनों में यह देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार होगी। आज इस कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर 7 लाख वर्गफुट में फैला है और कंपनी हर साल 3.7 अरब से ज्यादा डिस्पोसेबल पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट बनाने की क्षमता रखती है।
कंपनी के सीईओ चिराग पान बताते हैं कि, उनके ससुर ने हाइजीन प्रोडक्ट आइडिया दिया था, जिसके बाद साल 2017 में किचन जैसे कमरे से इसकी शुरुआत हुई थी। उस समय इसकी शुरुआत सिर्फ 5 लाख रुपए से हई थी, लेकिन आज कंपनी का कारोबार 5000 करोड़ से ज्यादा का है।
अगले तीन साल में ला सकते हैं आईपीओ
चिराग पान के मुताबिक, आने वाले दिनों में वह अपना आईपीओ ला सकते हैं। इसके लिए उन्होंने 3 साल का लक्ष्य रखा है। हालांकि, आईपीओ कितना बड़ा होगा? इसे लेकर अभी तस्वीर पूरी साफ नहीं है। उनका कहना है कि,
कंपनी का विस्तार करने के लिए इस फैसिलिटी में बड़े पैमाने पर ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और लगातार क्षमता बढ़ाने पर निवेश किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन का इस्तेमाल प्रोडक्शन एफिशिएंसी बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग कैटेगरी में एक जैसी क्वालिटी बनाए रखने के लिए किया जाता है।”
6.5 लाख से ज्यादा दुकानों तक पहुंच
चिराग पान बताते हैं कि सिर्फ बड़ी फैक्ट्री बनाना ही पान हेल्थ का लक्ष्य नहीं है। कंपनी ने देशभर में मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी तैयार किया है। उसके प्रोडक्ट 6.5 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध हैं। इस नेटवर्क को 32 डिपो, 2,256 सुपर स्टॉकिस्ट, 371 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर, 2,499 सब-डिस्ट्रीब्यूटर और 1,997 से ज्यादा होलसेलर सपोर्ट करते हैं। कंपनी के पास 1,000 से ज्यादा सेल्स फोर्स भी है। इस नेटवर्क के जरिए पान हेल्थकेयर शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
मेड फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड पर फोकस
पान हेल्थ में करीब 1200 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से 70 फीसदी से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। चिराग पान बताते हैं कि पान हेल्थ अपनी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति को मेक इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड की सोच से जोड़ती है। कंपनी का लक्ष्य भारत में ऐसी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करना है, जिससे घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी सपोर्ट किया जा सके। कंपनी के मुताबिक, बड़े पैमाने का इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमेशन, टेक्नोलॉजी अपग्रेड, क्षमता विस्तार और सप्लाई चेन एफिशिएंसी भारत को ग्लोबल हाइजीन मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद कर सकते हैं।
भारत से विश्वस्तरीय हाइजीन प्रोडक्ट तैयार करना
चिराग पान बताते हैं कि, पान हेल्थ आज भारत की सबसे बड़ी डिस्पोजेबल पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है। उनका कहना है कि पान हेल्थ का फोकस बेबी केयर, वुमन हाईजीन से लेकर एडल्ट केयर तक ऐसे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम पर है, जिसे कंपनी भारत के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट के लिए भी तैयार कर रही है। इस वक्त कंपनी तीन प्रमुख के तीन प्रमुख कंज्यूमर सेगमेंट हैं। जिनमें लिटिल एंजल, एवरटीन और लिबर्टी शामिल हैं। ये तीनों ही फ्लैगशिप ब्रांड हैं। जबकि बेबी केयर, वुमन हाईजीन और एडल्ट केयर तीन प्रमख कैटेगरी हैं। उनका लक्ष्य बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, आधुनिक तकनीक, सख्त क्वालिटी सिस्टम और मजबूत सप्लाई चेन के जरिए भारत से विश्वस्तरीय हाइजीन प्रोडक्ट तैयार करना है।
क्या है कंपनी का अगला टारगेट?
PAN Health के सामने अब सबसे बड़ा फोकस बढ़ती बेबी केयर, वुमन हाईजीन और एडल्ट केयर मांग के हिसाब से अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लगातार मजबूत करना है। कंपनी कैपेसिटी एक्सपेंशन, ऑटोमेशन, प्रोडक्ट इनोवेशन और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स पर निवेश जारी रखने की बात करती है।
2017 में शुरू हुई पान हेल्थ अब 30 एकड़ के बड़े मैन्युफैक्चरिंग कैंपस, 3.7 अरब से ज्यादा सालाना प्रोडक्शन क्षमता, तीन प्रमुख कंज्यूमर सेगमेंट और 6.5 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स वाले नेटवर्क के जरिए हाइजीन सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
कंपनी का अगला बड़ा दांव सिर्फ भारत के लिए प्रोडक्ट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत से भारत और दुनिया के लिए हाइजीन प्रोडक्ट बनाने की क्षमता तैयार करना है। फिलहाल कंपनी बेबीकेयर, वुमन हाईजीन और एडल्ट केयर में नए प्रीमियम प्रोडक्ट्स के जरिए अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
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