छत्तीसगढ़
बिलासपुर/स्वराज टुडे: अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति बिलासपुर में पत्रकारों को कथित रूप से दी गई धमकी एवं आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को अत्यंत गंभीरता से लेती है। छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने के बावजूद यदि पत्रकार स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
समिति का स्पष्ट मानना है कि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकने, डराने-धमकाने अथवा दबाव बनाने का कोई भी प्रयास कानून का उल्लंघन है। यदि संबंधित व्यक्ति अवैध कारोबार से जुड़ा है, तो उसके पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
समिति की प्रमुख मांगें
पत्रकार को दी गई कथित धमकी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
संबंधित अवैध कारोबार की विस्तृत जांच कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रदेश के सभी पत्रकारों की सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा का बयान
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री गोविंद शर्मा ने कहा कि पत्रकारों पर किसी भी प्रकार का हमला, धमकी, अभद्र टिप्पणी या दबाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज़ को दबाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यदि इस मामले में समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति प्रदेशभर में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति स्पष्ट करती है कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकार हितों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर मजबूती से खड़ा है।

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