लव जिहाद क्या है: लव जिहाद एक सामाजिक-राजनीतिक शब्द है, कोई कानूनी परिभाषा नहीं है। आम तौर पर इस शब्द का इस्तेमाल उस दावे के लिए किया जाता है जिसमें कहा जाता है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को प्यार/शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराते हैं, ताकि जनसंख्या संतुलन बदला जा सके। इसे एक “संगठित साजिश” के रूप में पेश किया जाता है। ये शब्द पहली बार 2009 के आसपास केरल और कर्नाटक में सामने आया था।
UP, MP, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक जैसे राज्यों ने “धर्म स्वतंत्रता कानून” या “गैरकानूनी धर्मांतरण विरोधी कानून” बनाए हैं। इनमें जबरन, झूठ बोलकर या लालच देकर धर्म बदलवाकर शादी करना अपराध है। लेकिन कानून में “लव जिहाद” शब्द नहीं है।
कानून क्या कहता है
भारत में दो बालिग अपनी मर्जी से किसी भी जाति अथवा धर्म में शादी कर सकते हैं। स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 इसके लिए है। धर्म बदलना भी निजी अधिकार है। लेकिन *जबरन, धोखे, डरा-धमकाकर या शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध है। UP कानून में ऐसा करने पर 1-5 साल जेल और जुर्माना है। अगर नाबालिग/ SC-ST महिला का मामला हो तो सजा 3-10 साल तक हो सकती है।
ब्लैकमेल के जरिये यौन शोषण
ब्लैकमेल अथवा डरा धमकाकर किसी युवती अथवा महिला को यौन सम्बन्ध बनाने केलिए मजबूर करना बहुत ही गंभीर अपराध है। अगर जीवन में कभी ऐसी स्थिति सामने आए तो इससे घबराएं नहीं, इससे बाहर निकलने का रास्ता है। डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन याद रखें – गलती आपकी नहीं है, दबाव डालकर यौन शोषण करने वाले की है।
1. तुरंत ये कदम उठाएं – सबसे जरूरी है
1. सारी बातचीत बंद करें : एक बार आरोपी की मांग पूरी कर दिए तो वो कभी नहीं रुकेगा। मांग लगातार बढ़ती जाएगी, इसलिए तत्काल उनसे दूरी बनाये। उसका नंबर, इंस्टा, फेसबुक हर जगह से उसे ब्लॉक कर दें।
2. सबूत सेव करें: व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य मैसेजेस का स्क्रीनशॉट सेव कर लें। फोन में एक अलग फोल्डर में सुरक्षित रखें। ये पुलिस केस में सबसे ज्यादा काम आएगा।
3. शर्म छोड़ें, तत्काल रिपोर्ट कराएं : IPC 354C, 354D, 384, 503 और IT Act 66E, 67A के तहत ये संगीन जुर्म है। 3-7 साल की जेल है।
2. शिकायत कहाँ करें – 100% गोपनीय रहती है
1. ऑनलाइन: http://cybercrime.gov.in पर “Report Other Cyber Crime” में शिकायत दर्ज कराएं। अपनी पहचान छुपाकर भी कर सकते हो। Women/Child Related Crime में रिपोर्ट करने पर तुरंत एक्शन होता है।
2. हेल्पलाइन : साइबर क्राइम के मामले में 1930 पर कॉल करें – 24×7 साइबर क्राइम हेल्पलाइन है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की 24×7 महिला हेल्पलाइन – 14490 हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए डिजिटल शिकायत पंजीकरण प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। महिला उत्पीड़न सम्बन्धी शिकायत के लिए 181 टोल फ्री नम्बर 181 पर 24×7 कॉल किया जा सकता है।इस नम्बर पर फ्री कॉउंसलिंग भी होती है। नजदीकी महिला थाने या साइबर सेल जाएं। FIR लिखवाने से बिल्कुल ना डरें । पुलिस आपकी पहचान उजागर नहीं कर सकती – सुप्रीम कोर्ट का आदेश है।
3. शोषणकर्ता को कैसे हैंडल करें
1. धमकी से ना डरें : 99% केस में ब्लैकमेलर फोटो/वीडियो वायरल नहीं करता। क्योंकि वायरल करते ही उसके पकड़े जाने के चांस बढ़ जाते हैं। वो सिर्फ डरा कर आपसे पैसा वसूली अथवा अनैतिक कार्य करना चाहता है।
2. परिवार को बताएं : किसी भरोसेमंद दोस्त, भाई-बहन या माँ को बताएं। अकेले ये लड़ाई लड़ना मुश्किल है। आप विक्टिम हो, आपने कोई जुर्म नहीं किया है।
4. भविष्य में बचने के लिए
1. प्राइवेट फोटो/वीडियो भूलकर भी शेयर ना करें : वीडियो कॉल पर भी रिकॉर्डिंग हो सकती है।
2. अनजान लिंक पर क्लिक मत करें: “आपकी न्यूड फोटो लीक हो गई” ऐसे मैसेज वाले लिंक स्कैम होते हैं।
3. सोशल मीडिया प्राइवेट रखो: फेसबुक/इंस्टा की सेटिंग में Only Friends कर दो।
4. शादी के झांसे में बिल्कुल ना आएं: कोई शख्स कितना भी मन लुभावन बातें करे, शादी करने की कसमें खाएं, उसके झांसे में बिल्कुल ना आएं। याद रहे शादी से पूर्व शारीरिक संबंध ना केवल अनैतिक है बल्कि इससे लड़की के चरित्र पर ही सवाल उठने लगता है। इसी वजह से अक्सर लड़के शादी से इंकार कर देते हैं। यानी ये सब जिस्म पाने के चोचले से ज्यादा कुछ नहीं। सख्त कानून बनाये जाने के बाद भी लव जिहाद में कोई कमी नही आ रही है। यानी स्पष्ट है कि इसे रोकना केवल लड़कियों के हाथ में है।
5.संगति का रखें ध्यान: अनेक मामलों में मुस्लिम लड़कियां ही हिन्दू लड़कियों को फंसाने में अहम किरदार निभाई हैं । लिहाजा सोच समझ कर ही सहेलियां बनाएं । अगर किसी लड़की का आचार-विचार , व्यवहार और उसकी बातें आपको जरा भी आपत्तिजनक लगे तो तत्काल उससे सारे संबंध तोड़ दें।
6. जीवन को संयमित और आध्यात्मिक बनाएं: प्रेम प्रसंग से दूर रहें । सोशल मीडिया पर उपलब्ध अश्लील कंटेंट की बजाए ज्ञानवर्धक और आध्यात्मिक बातों को अपने जीवन में आत्मसात करें । माता पिता के संस्कारों और विश्वास की धज्जियां ना उड़ाएं। आपके एक गलत कदम से माता पिता को वो जख्म मिल सकता है जो ता-उम्र भरने वाली नहीं है।
माता-पिता और पालकों का भी दायित्व बनता है कि वे अपनी युवा बेटियों के साथ मित्रवत व्यवहार करें । उन्हें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और सलाह दें। लव जिहाद और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म वाली घटनाओं से सदैव सतर्क रहने को कहें। साथ ही उनकी हर बातों को गंभीरतापूर्वक ध्यान से सुनें । याद रहे Prevention is better than cure केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि इन विषयों पर भी लागू होता है।
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