
मध्यप्रदेश
जबलपुर/स्वराज टुडे: जबलपुर में स्टेशनरी व्यापारी के साथ व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो से ठगी हो गई। फोटो डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और ठग ने उनके बैंक खाते से दो लाख से अधिक रुपये निकाल लिए।
एक फोटो डाउनलोड करते ही बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए जाएं, क्या ऐसा हो सकता है? अगर, आपका जवाब नहीं है तो आप गलत हैं। मप्र के जबलुपर जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां, एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर आए फोटो को डाउनलोड किया तो उसके खाते से दो लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए। ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए व्यक्ति को खुद जालसाज ने फोटो भेजकर फंसाया था। उसने व्हाट्सएप पर भेजी एक तस्वीर के साथ लिखा था कि क्या आप इसे जानते हैं। इसके बाद फोटो डाउनलोड करते ही खाते से रुपये उड़ गए। अब पीड़ित ने ठगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, जबलपुर के शिव नगर में रहने वाले स्टेशनरी व्यापारी प्रदीप कुमार से ऑनलाइन ठगी शिकार हुए हैं। प्रदीप ने बताया कि 28 मार्च की सुबह करीब आठ बजे उनके पास एक अननोन नंबर से कॉल आया, उधर से बात करने वाले व्यक्ति ने कहा कि आपके व्हाट्सएप पर एक फोटो भेजा है। उसके डाउनलोड करके देखिए कि आप उसे पहचानते हैं? इसके बाद उन्होंने फोटो डाउनलोड की जो किसी बुजुर्ग की था, लेकिन वे उसे नहीं पहचानते थे।
ठग ने बार-बार किया कॉल
कुछ देर बाद उसी नंबर से फिर कॉल आया, पर प्रदीप ने रिसीव नहीं किया। लेकिन, बार-बार आने पर प्रदीप ने कॉल रिसीव किया और बुजुर्ग को नहीं पहचानने की बात कहकर कॉल कट कर दिया। इसके बाद उसके फोन पर खाते में एक रुपये क्रेडिट (जमा) होने का मैसेज आया और फिर लगातार दो मैसेज रुपये विड्रोल (निकालने) करने के आए। किसी ने उनके खाते से पहली बार में एक लाख और दूसरी बार में एक लाख 10 हजार रुपये निकाले गए थे।
नेट बैंकिंग शुरू कर रुपये किए ट्रांसफर
खाते से दो लाख 10 हजार रुपये कटने के बाद प्रदीप कैनरा बैंक पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। प्रदीप ने बताया कि वे नेट बैंकिंग का उपयोग नहीं करते हैं। फोटो के जरिए ठग ने उनका मोबाइल हैक कर नेट बैंकिंग शुरू की और हैदराबाद के एक बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद इन पैसों को वहां के एक एटीएम से निकाला गया है। पीड़ित प्रदीप ने साइबर सेल और कोतवाली थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे की फोटो भेजकर ठगी?
इस साइबर ठगी में स्टेग्नोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें किसी फाइल के अंदर एक और फाइल, एप्लिकेशन या कोडिंग छिपी होती है। जिसे खोलते या डाउनलोड करते ही आपका मोबाइल हैक हो जाता है। इससे आपके ओटीपी, मैसेज और अन्य सभी जानकारी साइबर ठग तक आसानी तक पहुंचते हैं।
कैसे बचें स्टेग्नोग्राफी से होने वाली ठगी से?
● अनजान लोगों द्वारा भेजी गई फाइल या फोटो डाउनलोड न करें।
● यदि कोई फोटो जरूरत से ज्यादा बड़ी साइज की दिखे, तो सतर्क रहें।
● मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें।
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