छत्तीसगढ़
कोरबा-पसान/स्वराज टुडे: पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ग्राम बैरा उदरदा का वर्षों पुराना मार्ग बंद होने से पूरे क्षेत्र में जनआक्रोश की लहर दौड़ गई है। पेंड्रारोड-गेवरा दीपका रेल कॉरिडोर निर्माण के नाम पर रेलवे द्वारा बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए मुख्य रास्ते को ब्लॉक कर दिए जाने से न केवल पर्यटकों की आवाजाही ठप हो गई है, बल्कि स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रेलवे विभाग की इस बेरुखी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल बज चुका है। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,चक्कजाम और आंदोलन की दी चेतावनी :-
सोमवार को क्षेत्रीय ग्राम पंचायतों के सरपंचों और ग्रामीणों ने युसूफ खान के नेतृत्व में कलेक्टरेट पहुंचा और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
• तत्काल मौके का प्रशासनिक निरीक्षण कराया जाए।
• आवागमन के लिए सुरक्षित रेलवे अंडरपास (RUB), ओवरब्रिज (ROB) या वैकल्पिक रास्ता तुरंत चालू किया जाए।
”रेलवे के विकास कार्य का हम विरोध नहीं कर रहे, लेकिन विकास के नाम पर ग्रामीणों का गला घोंटना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर 10 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरा क्षेत्र सामूहिक रूप से चक्काजाम और आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।”
रोजी-रोटी पर संकट, पर्यटन पड़ा पूरी तरह ठप :-
उदरदा अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और जलराशि के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर है। मार्ग अवरुद्ध होने से पर्यटकों का आना बंद हो गया है। इससे पर्यटन पर निर्भर दर्जनों छोटे कारोबारियों और स्थानीय परिवारों के जीवन-यापन पर सीधा प्रहार हुआ है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जनहित की बलि देकर किया जाने वाला विकास किसी काम का नहीं है।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और रेलवे प्रबंधन इस 10 दिन के अल्टीमेटम को गंभीरता से लेता है या क्षेत्रवासियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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