भरतपुर/स्वराज टुडे: कहानी भरतपुर की गीता कॉलोनी से शुरू होती है. बताया जाता है कि वहां एक किराए के मकान में आईपीएस अफसर का परिवार रहता है. पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप अपनी बेटी के साथ यहीं थे. खबर मिली कि पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर आ रही हैं, तो वो शहर छोड़कर निकल गए.
पूजा जब ससुराल पहुंचीं तो करीब एक घंटे तक कुंडी खटखटाती रहीं, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया. थक हारकर वो विजय नगर में रहने वाली अपनी ननद के घर गईं, वहां भी कहानी वही रही.
दरवाजा बंद ही रहा,थाने में कटी रात
दो जगहों से मायूस होने के बाद पूजा सीधे मथुरा गेट थाने पहुंच गईं. उन्होंने लिखित में अपनी बात रखी. मौके पर मौजूद एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह को फोन लगाया, बात भी हुई, लेकिन अंत में पुलिस ने कहा कि यह पति-पत्नी का निजी विवाद है, इसमें तुरंत केस नहीं हो सकता. यह सुनकर पूजा थाने में ही बैठ गईं और देर रात तक वहीं रहीं.
2015 के प्यार की कहानी, अब बेटी पर आकर अटकी
जानकारी के मुताबिक पूजा और भानुप्रताप की लव स्टोरी 2015 में एक कार्यक्रम से शुरू हुई थी. घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर दोनों ने 16 जनवरी 2016 को शादी कर ली. बताया जाता है कि पूजा तब भरतपुर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थीं. उन्हीं दिनों भानुप्रताप यूपीएससी की तैयारी में जुटे थे. मेहनत रंग लाई और वो आईपीएस बन गए. अब पूजा का कहना है कि नौकरी के बाद कुछ साल सब ठीक चला, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में खटास आ गई. अब नौबत यहां तक आ गई है कि 6 साल की बेटी को लेकर खींचतान है और दोनों आमने-सामने हैं.
बेटी को लेकर विवाद ने बढ़ाई परेशानी
पूजा का आरोप है कि उन्हें बेटी से दूर किया जा रहा है और पति बच्ची को अपने पास रखना चाहते हैं. इसी वजह से वह भरतपुर पहुंचीं और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की. बता दें कि भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं, जबकि उनका परिवार भरतपुर में रहता है. वहीं, पूजा मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी के तिवारी का वास की रहने वाली हैं. फिलहाल यह मामला पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद का है और पुलिसवाले के इस मामले से पुलिस अभी दूर खड़ी है.
कौन हैं भानुप्रताप सिंह?
बिहार के खगड़िया में बतौर एसपी तैनात आईपीएस भानु प्रताप सिंह के पारिवारिक विवाद से इतर उनकी वर्दी का प्रोफाइल भी काफी दमदार रहा है. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले भानु ने हिंदी साहित्य से पढ़ाई कर UPSC तक का सफर तय किया है और बाहुबली विधायक के भाई पर कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में भी रहे हैं.
फतेहपुर सीकरी से UPSC तक का सफर
भानु प्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं. उन्होंने हिंदी साहित्य में मास्टर्स (M.A.) किया है. उनकी सबसे बड़ी खासियत उनका लगातार UPSC पास करने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2018 से 2020 तक लगातार तीन बार UPSC परीक्षा पास की और 2021 में IPS बने. IPS बनने के बाद भानु प्रताप सिंह की पहली बड़ी पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में टाउन ASP के रूप में हुई थी. वहां से वो दानापुर में ASP रहे और फिलहाल खगड़िया में बतौर SP तैनात हैं.
बाहुबली के भाई पर कसा था शिकंजा
पटना जिले के दानापुर में उनका कार्यकाल बेहद यादगार रहा है. यहां ASP रहते हुए उन्होंने दिसंबर 2024 में बड़ी कार्रवाई की थी. उन्होंने बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव का आत्मसमर्पण करवाया था. रीतलाल यादव के भाई पर शिकंजा कसने की इस कार्रवाई के बाद वो बिहार पुलिस में काफी चर्चा में आए थे.

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