
छत्तीसगढ़
बलरामपुर/स्वराज टुडे: शासकीय प्राथमिक शाला तुर्रीपानी विकासखंड कुसमी में 03 अप्रैल 2025 को छात्रों को प्रदान किये जाने वाले मध्यान्ह भोजन में मरी हुई छिपकली पाये जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसे खाने के बाद 65 बच्चों की तबियत बिगड़ गयी थी । उन्हें आनन फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था । आज शुक्रवार को सभी बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड स्त्रोत समन्वयक द्वारा घटना की जांच की गई।
उक्त संबंध में संयुक्त जाँच समिति द्वारा जाँच में पाया गया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत भोजन की गुणवत्ता एवं सुरक्षा संबंधी जारी निर्देश के पालन में अनियमितता एवं लापरवाही बरतना, संस्था में उपस्थित बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसने के पूर्व भोजन नही चखना, तथा चखना पंजी संधारण नही किया गया है। संस्था में पदस्थ प्रधानपाठक श्रीमती सरस्वती गुप्ता की उपर्युक्त लापरवाही एवं उदासीनता प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई है। श्रीमती सरस्वती गुप्ता का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासकीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् जिला शिक्षा अधिकारी श्री डी. एन. मिश्रा द्वारा श्रीमती सरस्वती गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया किया गया है।
निलंबन अवधि में श्रीमती सरस्वती गुप्ता का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शंकरगढ़ नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्रीमती गुप्ता को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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