छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: प्रतिवर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा रोग से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। इसी क्रम में २३ जून 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय कोरबा में रोगी सहायता समूह (Patient Support Group) की प्रथम जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में शहरी एवं कोरबा विकासखंड के 23 सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित बच्चों सहित कुल 73 अभिभावक शामिल हुए l
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन केशरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को रोग संबंधी जानकारी, उपचार, उपलब्ध शासकीय सुविधाओं तथा दिव्यांगजन हितग्राही योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों एवं उनके अभिभावकों को रोग प्रबंधन, नियमित फॉलो-अप तथा जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के माध्यम से महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने सिकल सेल से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने, नियमित उपचार एवं फॉलो-अप बनाए रखने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए जिला नोडल अधिकारी डॉ रात्रे ने सिकल सेल रोग की प्रकृति, इसके लक्षणों, संभावित जटिलताओं तथा शासन द्वारा उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं सहायक नोडल जिला सलाहकार श्री अरविंद भारती ने सिकल सेल रोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को दैनिक जीवन में बरती जाने वाली सावधानियों, क्या करें एवं क्या न करें, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव तथा समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में बताया। दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन केशरी के मार्गदर्शन में, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री पद्माकर शिंदे ने कार्यक्रम में उपस्थित उन बच्चों की जिनके यूडीआईडी कार्ड जांच लंबित होने के कारण नहीं बन पाए थे। उन्होंने कहा कि जांच पूर्ण होते ही पात्र बच्चों का दिव्यांगता प्रमाणन कर यूडीआईडी कार्ड बनवाया जाएगा, जिससे वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के प्रभावी समन्वय, सक्रिय सहयोग एवं सतत अनुश्रवण के परिणामस्वरूप विकासखंड स्तर से चिन्हांकित पात्र हितग्राहियों की समयबद्ध सहभागिता सुनिश्चित हो सकी, जिससे कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं संचालन संभव हो पाया। कार्यक्रम में महापौर, पार्षद महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के आयोजन एवं तकनीकी मार्गदर्शन में यूनिसेफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यूनिसेफ के डॉ. गजेन्द्र सिंह के निर्देशन में उनकी टीम तथा एकम फाउंडेशन द्वारा तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग संबंधी जानकारी, सावधानियों, उपचार एवं उपलब्ध शासकीय सुविधाओं की जानकारी देने हेतु सिकल सेल सूचना पुस्तिका (Information Brochure) का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को नियमित फॉलो-अप, समय पर उपचार एवं शासन की उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया तथा सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
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