मध्यप्रदेश
देवास/स्वराज टुडे: प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री कृ.प.शा.स्ना.महा.देवास में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ एवं आईक्यूएसी के तत्वावधान में 29 जुलाई को गुरूपूूर्णिमा महोेत्सव का आयोजन रखा गया, जिसे विशेष रूप से महर्षि सांदीपनी गुरू पर्व के रूप में मनाया गया। प्राचार्य डॉ.आर.एस. अनारे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व क्रीड़ा अधिकारी संग्राम साठे रहे। डॉ. विद्या माहेश्वरी, डॉ. बी.एस.जाधव, डॉ. राजेन्द्र मराठा, डॉ. संजय गाडगे, डॉ. रेखा कौशल तथा भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ प्रभारी तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. ममता झाला तथा डॉ. रश्मि ठाकुर समिति सदस्य मंचासीन रही।

मॉ सरस्वती एवं महर्षि सांदीपनि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन अर्चन किया गया। सरस्वती वंदना को कुसुम गेहलोद एवं दीपिका गेहलोद तथा डॉ. सीमा सोनी ने गुरू वंदना को मधुर स्वर दिये।
गुरू सम्मान की अगली कड़ी में छात्र छात्राओं द्वारा प्राचार्य, मुख्य अतिथि , मंचासीन तथा सदन में उपस्थित समस्त प्राध्यापकों का तिलक तथा उत्तरीय से सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी श्रृंखला में मुख्य अतिथि संग्राम साठे एवं प्राचार्य डॉ. अनारे का पुष्पहार, शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया।
डॉ. ममता झाला ने कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत करते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थी वर्ग की और से छात्रा उदिता चौधरी ने महर्षि सांदीपनि के जीवनवृत एवं आदर्शो पर प्रकाश डाला। छात्रा नायला अर्शी ने गुरू शिष्य परम्परा के ऐतिहासिक पक्ष को समटते हुए अपने विचार रखे। श्री साठे ने गुरू को ईश्वर का प्रतिरूप बताते हुए अपने जीवन की समस्त उपलब्धियों को गुरू का आशीर्वाद माना। जिनके प्रति श्रद्धा भाव तथा अपने अहं का विगलन आवश्यक बताया।
डॉ. बी.एस. जाधव ने गुरू शिष्य परम्परा से जुड़े प्रेरक प्रसंग द्वारा विद्यार्थियों को प्रेेरित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अनारे ने भारतीय ज्ञान परम्परा और गुरू महिमा पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डाला। समिति सदस्य डॉ. प्रतिमा रायकवार, डॉ. रजत राठौर, डॉ.शकील खान, जितेन्द्रसिंह राजपूत तथा दीपक अटारिया एवं छात्र वर्ग से नितेश अहिरवार तथा छात्रा तमन्ना का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में डॉ. आराधना डिकुना, डॉ. भारती कियावत, डॉ. जरीना लोहावाला, डॉ. सत्यम सोनी, डॉ. मनोज मालवीय, डॉ. संजय बारोनिया, डॉ. शशि सोलंकी, डॉ. प्रीति मालवीय, डॉ. संदीप नागर, डॉ. ममता लावरे, डॉ. लता धूपकरिया, डॉ. ललिता गोरे, श्री नीरज जैन, डॉ. भारती वास्कले, डॉ. राकेश नागर, डॉ. निलेश महाजन, अरूण कुशवंशी, डॉ. प्रमोद वर्मा, डॉ. अदिति कुमावत, डॉ. निकिता वर्मा, डॉ. सचिन दास, आराधना सांगते तथा संजना सोनी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गुरू शिष्य परम्परा से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण काव्य पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. लीना दुबे ने किया। डॉ. रश्मि ठाकुर ने गुरू शिष्य समबद्ध पौराणिक चरित्रों को रेखांकित करते हुए मौलिक काव्य रचना का पाठ किया एवं सदन का आत्मीय आभार माना।
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