हादसे के बाद उन्हें तुरंत झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। किरण सिंह देव की कमर में गहरी चोट आई है। उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है। शुरुआती जांच में उनकी बॉडी में किसी फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई है। हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम, एसएसपी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। किरण सिंह देव बागेश्वर धाम गए थे। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वे परिवार के साथ वहां पहुंचे थे। वापसी के दौरान यह हादसा हुआ।
पहले देखिए ये तस्वीरें-
अनकंट्रोल होकर ट्रक से टकराई कार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तालबेहट में जिस जगह हादसा हुआ, वह ललितपुर जिला मुख्यालय से करीब 44 किमी दूर है। नेशनल हाईवे-44 पर सामने आ रही तेज रफ्तार कार ने अचानक कट मार दिया। गाड़ी को बचाने में किरण सिंह देव के ड्राइवर ने कार को मोड़ा, तभी वह कंट्रोल खो बैठा और कार हाईवे किनारे खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा इंजन तक चकनाचूर हो गया है। हादसे के वक्त कार की स्पीड करीब 80 किमी प्रति घंटे रही होगी।
परिवार के बाकी सभी सदस्य सुरक्षित
बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने बताया- किरण सिंह देव परिवार के साथ बुंदेलखंड घूमने आए थे। उन्होंने मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम, राजा राम मंदिर ओरछा और दतिया स्थित मां पीतांबरा के दर्शन किए। दर्शन के बाद वे रायपुर लौट रहे थे। इसी दौरान ललितपुर के तालबेहट के आगे उनकी कार एक खड़े ट्रक से टकरा गई।
हादसे के समय कार में उनकी पत्नी रीना सिंह देव और बेटी आयुषी भी मौजूद थीं। परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई। केवल किरण सिंह देव के कूल्हे में चोट है। किरण देव के काफिले में पीछे चल रही अन्य सभी गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। कार में मौजूद पीएसओ, पीए और ड्राइवर को हल्की और मामूली चोटें आई हैं।
डॉक्टर बोले- किरण सिंह देव को अंदरूनी चोटें
झांसी मेडिकल कॉलेज के CMS डॉ. सचिन माहुर ने बताया- छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष के शरीर में बाहरी चोट नहीं दिखी है। उनके पैर और कमर में अंदरूनी चोट है। सीटी स्कैन समेत अन्य जरूरी जांचें कराई जा रही हैं। हादसे में उनके साथ मौजूद अन्य किसी व्यक्ति को इलाज की आवश्यकता नहीं पड़ी।
किरण सिंह देव के इलाज के लिए मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। चूंकि उनका शुगर लेवल भी बढ़ा हुआ मिला, इसलिए उन्हें तत्काल आवश्यक दवाएं और दर्द निवारक दवाएं दी गई हैं।

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