छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा 10 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया गया है।
इसके बावजूद प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है। यदि प्रशासन ने जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध का आदेश जारी किया है तो उसका प्रभावी पालन कराना भी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
धनेश कुमार सिंह अधिवक्ता ने कहा कि प्रशासनिक आदेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहन बेखौफ सड़कों पर चलते रहेंगे तो नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। इससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
उन्होंने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा से मांग की है कि प्रतिबंधित मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, नियमित जांच एवं पेट्रोलिंग कराई जाए तथा आदेश का उल्लंघन करने वाले भारी वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े प्रशासनिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नवरात्रि पर्व के दौरान किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को अभी से सख्ती बरतनी चाहिए।
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