सहारनपुर/स्वराज टुडे: उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां हावड़ा-अमृतसर मेल ट्रेन के स्लीपर कोच में आधी रात महिला अपने पति और दो साल की बेटी के साथ चढ़ती है। ट्रेन में चढ़ते ही दोनों सो जाते हैं साथ में मासूम भी सो रही होती है. तभी अचानक रात 12:30 बजे पूरी ट्रेन में हड़कंप मचने लगता है. जिसके बाद ट्रेन में घूम रही जीआरपी दंपत्ती से पूछती हैं कि क्या हुआ… यहां क्या कर रहे हो? तब वह बताते हैं कि कोई ट्रेन से मेरी 2 साल की बच्ची को किडनैप करके ले गया. उन्होंने जीआरपी को जानकारी दी कि ट्रेन के स्लीपर कोच में मेरे पति और मैं सो रही थी, साथ में मेरी 2 साल की बेटी थी जिसका नाम नायरा था. ट्रेन जब सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तभी बुर्का पहने दो महिलाओं ने मेरी मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया. जैसे ही पुलिसवाले सुनते हैं, तो वह भागकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच पूरी जानकारी देते हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेन में मचा हड़कंप
पूरा मामला ट्रेन नंबर 13005 हावड़ा मेल का है. जहां धामपुर से चढ़े दंपत्ति की 2 साल की बच्ची चोरी करके कोई ले जाता है. वारदात देर रात की है जब दंपती धामपुर से हावड़ा मेल ट्रेन में सवार होकर पंजाब जा रहे थे, तभी उनके पास सो रही 2 साल की बच्ची कोई चुरा कर ले जाता है. जब दोनों पति-पत्नी जगाधरी स्टेशन पर सोकर उठे, तो उन्होंने देखा उनकी बच्ची उनके पास नहीं है. तभी तुरंत उन्होंने इसकी सूचना जगाधरी रेलवे पुलिस स्टेशन को दी. जिसके बाद छानबीन और आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि उनकी बेटी को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर 2 बुर्का पहने महिला उठा कर ले गईं थी. जिसकी पुष्टि पीड़ित महिला ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच कर सीसीटीवी वीडियो के आधार पर की है.
पीड़ित महिला ने बताया कि उसका नाम नेहा है और वह पंजाब की रहने वाली है. वह अपने पति और बेटी के साथ रात 11 बजे धामपुर से ट्रेन में चढ़े. पीड़ित महिला ने बताया कि हम गलती से रिजर्वेशन कोच में चढ़ गए थे. सीट भी मिल गई थी आराम से हम उसी पर लेट गए और बेटी के साथ सो गए. मेरे पति फोन चला रहे थे, अचानक उन्हें भी नींद आ गई वो भी सो गए. रात लगभग 12:30 बजे आंख खुली तब मेरी बेटी नायरा मेरे पास थी. मगर जब अंबाला से पहले जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि मेरी बच्ची सीट पर नहीं थी. जिसके बाद पूरी ट्रेन में हमने अपनी बच्ची ढूढ़ी पर मेरी बच्ची नहीं मिली.
बच्ची को ले जाते हुए CCTV कैमरे में नजर आईं बुर्कानशी दो महिलाएं
महिला ने बताया कि फिर दो पुलिसवाले मिले उन्हें मैंने सबकुछ बताया. पूछताछ में मेरी ही सीट के पास बैठे एक शख्स ने बताया कि एक महिला आई थी उसने पहले बच्ची के सर पर हाथ रखा और फिर उसे गोद में लेकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतर गई. तब पुलिसवालों ने सहारनपुर में फोन कर सारी जानकारी दी. फिर मैं और मेरे पति पुलिसवालों के साथ सहारनपुर स्टेशन पहुंचे वहां हमने सीसीटीवी देखा जिसमें दो महिलाएं बुर्का पहनकर मेरी बेटी को लेकर जा रहीं थी.
बुर्के की आड़ में बढ़ते अपराध
बता दें कि बुर्का की आड़ में आये दिन कई तरह के अपराध घटित हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले एक दुष्कर्मी भी बुर्के में पकड़ा गया था। कभी बुर्कानशी महिलाएं ज्वेलरी शॉप में आभूषण पार करती नजर आती हैं तो कभी मॉल में चोरी करते CCTV कैमरे में कैद हो जाती हैं। चिंता की बात ये है कि बुर्के की वजह से इनकी पहचान करने में पुलिस को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
अब इस घटना में 2 साल की बच्ची को चुरा कर ले जाते हुए दो बुर्कानशी महिलाएं CCTV कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन उनकी पहचान हो पाती है या नहीं ये भविष्य में पता चलेगा।
यात्रा के दौरान सतर्कता जरूरी
अपने नवजात अथवा नन्हें मुन्ने बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को भी यात्रा के दौरान विशेष सावधान रहने की जरूरत है । उन्हें केवल अपना लगेज ही नहीं बल्कि अपने बच्चों का भी ध्यान रखना है। वहीं सहयात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। इस घटना में एक यात्री ने बुर्कानशी महिला को बच्ची को उठाते हुए भी देखा लेकिन उसने किसी तरह का कोई सवाल जवाब या विरोध नहीं किया और ना ही उसने उस बच्ची के माता पिता को उठाकर उन्हें इसकी जानकारी दी । इसे गैरजिम्मेदाराना व्यवहार ना कहें तो क्या कहें । सहयात्री ने जरा भी जागरूकता दिखाई होती तो यह घटना नहीं घटती ।

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