छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी का कार्य पूरी तरह सुगम, पारदर्शी एवं किसानहितैषी तरीके से किया जा रहा है। जिले के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने के लिए शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। वर्तमान में जिले में 65 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को समय पर सुविधा मिल रही है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी की पूरी व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष व व्यवस्थित बनी रहे। प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर पंजीकृत किसान से उनकी पात्रता अनुसार धान की खरीदी सुनिश्चित हो तथा किसी भी स्तर पर कोई बाधा या अर्चन उत्पन्न न हो। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रकबा संशोधन, पंजीयन से संबंधित समस्या, भुगतान, उपार्जन केंद्रों से जुड़ी जानकारी या अन्य किसी भी प्रकार की शंका एवं शिकायत के निराकरण हेतु विशेष सहायता व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। किसान कार्यालयीन समय में मोबाइल नंबर 9691901259 पर संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वे निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर समय पर अपनी उपज के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित समाधान प्राप्त कर सकें। शासन एवं जिला प्रशासन किसानों की मेहनत की फसल का उचित मूल्य दिलाने और धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल, तेज एवं भरोसेमंद बनाए रखने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु सहायता केन्द्र (हेल्पडेस्क) स्थापित — नोडल अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य निरंतर जारी है। अनुविभाग पाली के अंतर्गत तहसील पाली एवं हरदीबाज़ार क्षेत्र के कृषक अपनी फसल विक्रय हेतु नियमित रूप से धान उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं, जहाँ शासन के निर्देशानुसार उनकी फसल का सुचारू रूप से क्रय किया जा रहा है।
किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए अनुविभाग पाली के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में सहायता केन्द्र (Help Desk) स्थापित किए गए हैं। इन सहायता केन्द्रों में प्रत्येक नोडल अधिकारी को प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर किसानों से प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना है कि सहायता केन्द्र में प्राप्त समस्याओं के निराकरण की दैनिक रिपोर्ट भेजी जाए।
साथ ही, सभी समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने धान उपार्जन केन्द्रों में सहायता केन्द्र (Help Desk) की स्थापना सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को फसल विक्रय संबंधी किसी प्रकार की कठिनाई न हो। नोडल अधिकारी सहायता केन्द्र में उपलब्ध रहकर सभी प्रकार की शिकायतों एवं आवेदनों का समाधान उपार्जन केन्द्र स्तर पर ही करवाएंगे।
कृषकों की सुविधा और पारदर्शी धान विक्रय प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन द्वारा जारी यह व्यवस्था सतत प्रभावी रहेगी।
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