कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेली में किसानों को कृषि विभागीय योजनाओं, दलहन-तिलहन उत्पादन एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों की दी गई जानकारी
मुंगेली/स्वराज टुडे: भगवान बलराम जयंती एवं किसान दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेली में दलहन-तिलहन एवं प्राकृतिक खेती विषय पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 11:00 बजे किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप संचालक कृषि, जिला मुंगेली, श्रीमती वीणा ठाकुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि, अतिथियों एवं उपस्थित किसानों द्वारा भगवान बलराम जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा भगवान बलराम जी के शस्त्र हल का विधिवत पूजन किया गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती वीणा ठाकुर ने जिले में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, कृषक हितग्राही योजनाओं तथा किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने तथा कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेली के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. के. वर्मा ने भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाने की परंपरा एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसान दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर दलहन, तिलहन एवं प्राकृतिक खेती विषय पर संगोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने जिले के किसानों से आगामी रबी एवं ग्रीष्मकालीन मौसम में दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अवश्य करने का आग्रह किया।

डॉ. वर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेली द्वारा संचालित दलहन एवं तिलहन फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्री एस. के. लहरे, विषय विशेषज्ञ (पौध संरक्षण) द्वारा धान में लगने वाले प्रमुख रोग एवं कीटों की पहचान, उनके लक्षण तथा समन्वित प्रबंधन एवं उपचार के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

डॉ. प्रमिला जोगी, विषय विशेषज्ञ (उद्यानिकी) ने प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत एवं नीमास्त्र तैयार करने की विधि तथा इनके उपयोग की जानकारी किसानों को दी।
इंजीनियर पल्लवी पोर्ते, विषय विशेषज्ञ (कृषि अभियांत्रिकी) द्वारा आगामी रबी मौसम में कृषि यंत्रों के उपयोग, कृषि कार्यों में यंत्रीकरण तथा जीरो सीड ड्रिल के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में श्री सुभाष सोनी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, श्रीमती निवेदिता गबेल, उप संचालक, आत्मा तथा श्री गिल्होरे, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों द्वारा भी किसानों को कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं, अनुदान प्रावधानों तथा कृषक हितग्राही कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केंद्र के प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया तथा बीजामृत, घनजीवामृत एवं नीमास्त्र का लाइव प्रदर्शन किसानों को दिखाया गया। किसानों ने प्राकृतिक खेती की विभिन्न गतिविधियों एवं प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा 75 से अधिक किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को दलहन-तिलहन फसलों के प्रति प्रोत्साहित करना, प्राकृतिक खेती की तकनीकों से अवगत कराना तथा कृषि विभागीय योजनाओं एवं आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
यह भी पढ़ें: New Delhi: पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने जा रहे हैं? कैश रख लें, UPI पर डीलरों ने दी चेतावनी

Editor in Chief













