गुजरात
अहमदाबाद/स्वराज टुडे: गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये लोग गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क खड़ा करने और आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
ATS ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी से पूछताछ जारी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
गुजरात और मध्य प्रदेश में एक साथ हुई कार्रवाई
गुजरात ATS ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी की। इस अभियान के दौरान कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया गया। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई पहले से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के बीच आपसी संपर्क था और वे मिलकर एक संगठित नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क बनाने का आरोप
ATS के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि उनका मकसद गुजरात में संगठन का नेटवर्क मजबूत करना और नए लोगों को जोड़ना था। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका संपर्क किन लोगों से था और क्या इनके तार देश के बाहर बैठे किसी हैंडलर से भी जुड़े हुए थे।
UAPA और BNS की कई धाराओं में केस दर्ज
गुजरात ATS ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ UAPA की धाराओं 13, 17, 18, 38 और 39 के अलावा BNS की धाराओं 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं आतंकी गतिविधियों, आतंकियों की मदद, साजिश और गैरकानूनी संगठन से जुड़े मामलों में लगाई जाती हैं। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सामने आई
हर मुसलमान आतंकी नहीं होता लेकिन हर आतंकी मुसलमान ही होता है। ये दावा फिर एक बार सच हुआ है। ATS ने जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, वो सभी मुस्लिम समुदाय के हैं। उनमें अहमद, इब्राहिम, मुदस्सिर, ज़कारिया दुर्रानी, मुफ़्ती फौजान, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल और बिलाल मोहम्मद शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग हो सकती है। इसलिए हर आरोपी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
ATS को और नए खुलासे होने की उम्मीद
गुजरात ATS का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती दौर में है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों को पैसा कहां से मिल रहा था और वे किन लोगों के संपर्क में थे। अगर जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।





