● अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया कोरबा” की डिवाइन वर्कशॉप से युवाओं में जागी राष्ट्र एवं संस्कार चेतना
“उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।”
उठो, जागो और श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर आगे बढ़ते रहो।
कोरबा-पाली/स्वराज टुडे: अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया कोरबा” द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बक्साही एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुनगाडीह में डिवाइन वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशा मुक्ति, चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, नारी जागरण, भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बक्साही में दो पृथक सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में विद्यालय के सभी छात्र तथा द्वितीय सत्र में सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से कार्यशाला में भाग लेते हुए श्रेष्ठ जीवन, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 800 विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया, जबकि 30 विद्यार्थियों ने मांसाहार का त्याग करने का प्रेरणादायी निर्णय लिया। सभी विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने, समय का सदुपयोग करने, लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा राष्ट्र के आदर्श नागरिक बनने का भी सामूहिक संकल्प लिया।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुनगाडीह, विकासखंड पाली में आयोजित डिवाइन वर्कशॉप में लगभग 200 विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति, सदाचार एवं संस्कारित जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में दिया कोरबा के जिला संयोजक विजेंद्र यादव ने शिक्षा और विद्या के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि विद्या मनुष्य के चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान को जीवन में उतारने और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनने का आह्वान किया।
दिया नशा मुक्ति जागरण प्रमुख रामफल पटेल ने वैज्ञानिक तथ्यों एवं उदाहरणों के माध्यम से नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा पारिवारिक दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए युवाओं को हर प्रकार के व्यसन से दूर रहने की प्रेरणा दी।
मुख्य वक्ता कन्हैया लाल चौहान ने स्वामी विवेकानंद, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा शहीद भगत सिंह के प्रेरक जीवन प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, लक्ष्यनिष्ठा और सकारात्मक जीवन दृष्टि का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि अपने समय और ऊर्जा का सदुपयोग करे तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बन सकता है।
दिया नारी शक्ति प्रमुख सविता साहू ने विद्यार्थियों को समय के महत्व पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए कहा कि समय ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण, निरंतर अध्ययन तथा आत्मविश्वास के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया और युवाओं से अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का आह्वान किया।
नारी जागरण प्रमुख निर्मला पटेल ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण निर्णय लेने, माता-पिता का सम्मान करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, अपने परिवार एवं समाज को भी नशा मुक्त जीवन के लिए प्रेरित करेंगे, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएंगे।
“न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।”
इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला कोई दूसरा साधन नहीं है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया कोरबा” के जिला संयोजक विजेंद्र यादव के तत्वावधान में आयोजित इस डिवाइन वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ। उनके नेतृत्व में आयोजित इस अभियान ने सैकड़ों विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, समय प्रबंधन, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित किया।
समापन अवसर पर विद्यालय परिवार ने दिया कोरबा की इस अभिनव पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र एवं संस्कार निर्माण का प्रभावी अभियान है। नशा मुक्ति, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर आधारित ऐसे कार्यक्रम युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम में प्राचार्य रामगोपाल साहू, शिक्षकगण- डिक्सेना सर, रेखा चंद्रे, संगीता नरकार, हीरालाल प्रजापति, हेमलाल वर्मन, पद्मलता साहू, योगेश द्विवेदी, विमला देवांगन, प्रिया तिवारी एवं बसनी मिर्धा का विशेष सहयोग रहा।
यह भी पढ़ें: “मन की बात” का सामूहिक श्रवण, कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान

Editor in Chief





