नंदुरबार/स्वराज टुडे: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से 40 बच्चों और युवाओं के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी का नाम चेतन कोली है. पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और अन्य सामान जब्त किए हैं. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के फोन से 200 अश्लील वीडियो और बहुत सी तस्वीरें मिली हैं. आरोपी पर अश्लील वीडियो बनाकर पीड़ितों का बार-बार यौन शोषण करने और उनके आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप है.
पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर ये शक है कि साल 2022 से ही बच्चों और युवाओं का यौन शोषण और उनको ब्लैकमेल किया जा रहा था. ये सिलसिला 6 अगस्त 2026 तक चला. आरोपी द्वारा बच्चों और युवाओं का योन शोषण और उनको ब्लैकमेल करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उस पर नजर रखी. इसके बाद, शहर के भोने फाटा इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया.
पुलिस अधीक्षक ने मामले में पर क्या कहा?
जिला पुलिस अधीक्षक अश्विनी सनप ने बताया कि इस मामले में बच्चे और युवा पीड़ित हैं. मामले की गहन जांच चल रही है. नंदुरबार शहर के रायसिंहपुरा इलाके में आरोपी पैसों का लालच देकर बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता था. बाद में उन्हें प्रताड़ित करता था. इस संबंध में मिली शिकायत के अनुसार, 6 अगस्त को आरोपी ने एक नाबालिग लड़के को पपीते के खेत में मिलने के लिए बुलाया था.
पीड़ितों की पहचान करने में जुटी पुलिस
हालांकि, इससे पहले सादे कपड़ों में पुलिस इलाके पर नजर रख रही थी. आरोपी के मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो की जांच करके पीड़ितों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है. आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किए गए हैं. बताया जा रहा है कि जब्त किए गए सामान की जांच के बाद वीडियो और तस्वीरों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार पर नजर रखें माता पिता
पुलिस फिलहाल डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है. वहीं इस मामले के सामने आने के बाद हलचल मच गई है. माता-पिता से अपने बच्चों का ख्याल रखने को कहा जा रहा है. साथ ही उनसे अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी जा रही है. उनके क्रियाकलापों और व्यवहार पर सतत नजर रखने की सलाह दी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय परिस्थिति निर्मित होने पर बच्चे साजिश का शिकार होने से बच सकें.






