आ गया बुलेट ट्रेन का छोटा भाई, रफ्तार इतनी कि तेजस राजधानी भी मुंह छुपाने लगे, 6 घंटे में नाप देगी 1000 किलोमीटर

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे: देश में अगले साल हाई-स्‍पीड बुलेट ट्रेन की सर्विस शुरू हो सकती है. हाई-स्‍पीड रेल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है. पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलाने की योजना है.

उससे पहले बुलेट ट्रेन का छोटा भाई पटरियों पर कुलांचे मारने को पूरी तरह से तैयार है. भारतीय रेल देश की जनता को एक और बड़ा तोहफा देने की तैयारी पूरी कर ली है. अब बस उसे हरी झंडी दिखाने का इंतजार है. असम के कामाख्‍या से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बीच पहली वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन चलाया जाना है. इसकी घोषणा हो चुकी है. प्रीमियम वंदे भारत ट्रेन के स्‍लीपर वर्जन की खासियत और विशेषताएं ऐसी हैं, जिनके बारे में आज से पहले सिर्फ कल्‍पना की जा सकती थी. वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन कई मायनों में तेजस राजधानी और लंबी दूरी तक चलने वाली दुरंतो एक्‍सप्रेस से बेहतर, उम्‍दा और आधुनिक है. सीट से लेकर खानपान और कोच डिजाइन तक के मामले में वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन नया बेंचमार्क बनाने वाली है. वंदे भारत के स्‍लीपर वर्जन को देश के अन्‍य रेल रूट पर भी ऑपरेट करने की प्‍लानिंग है.

देश को एक और आधुनिक रेल सेवा मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच चलने वाली बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद देशवासियों से यह जानकारी साझा की है. रेल मंत्री ने बताया था कि यह ट्रेन अगले 15 से 20 दिनों में शुरू हो जाएगी. संभावना है कि इसका उद्घाटन 18 या 19 जनवरी के आसपास हो सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से इस संबंध में अनुरोध किया गया है और सभी तैयारियां पूरी हैं. यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुल 16 कोच की होगी, जिसमें 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था होगी. ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की है, लेकिन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच यह 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. यह ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी. किराये की बात की जाए तो रेल मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी से कोलकाता के बीच हवाई सफर का किराया आमतौर पर 6,000 से 8,000 रुपये के बीच होता है. वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन से सफर इससे कहीं सस्‍ता होने वाला है.

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किराया: वंदे भारत स्‍लीपर बनाम तेजस राजधानी (दूरी लगभग 1000 KM)
वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन (कामाख्‍या-कोलकाता) तेजस राजधानी सुपरफास्‍ट (नई दिल्‍ली-पटना)
थर्ड AC – लगभग 2,300 रुपये थर्ड AC – 2545 रुपये
सेकेंड AC – लगभग 3,000 रुपये सेकेंड AC – 3475 रुपये
फर्स्ट AC – लगभग 3,600 रुपये फर्स्ट AC – 4260 रुपये
नोट: किराए में भोजन भी शामिल नोट: किराए में भोजन भी शामिल


वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन के मुकाबले तेजस राजधानी और दुरंतो सुपरफास्‍ट जैसी ट्रेनों की स्‍पीड कम है. किराये में भी अंतर है.

मिनी बुलेट ट्रेन क्‍यों?

बता दें कि वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजायन किया गया है. वहीं, हाई-स्‍पीड या बुलेट ट्रेन 200 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्‍यादा की रफ्तार से चल सकती है. हजरत निजामुद्दीन-मथुरा-आगरा-झांसी रूट पर चलने वाली गतिमान सुपर एक्‍सप्रेस की मैक्सिमम स्‍पीड 160 KMPH बताई जाती है. तेजस राजधानी और दुरंतो सुपरफास्‍ट ट्रेनें 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से चलती हैं.

इस तरह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अधिकतम रफ्तार के मामले में फिलहाल की सबसे तूफानी ट्रेन है, जो फुल स्‍पीड में चले तो 1000 किलोमीटर से ज्‍यादा की दूरी महज 6 घंटे में पूरी कर लेगी. बुलेट ट्रेन के लॉन्‍च होने के बाद वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन रफ्तार के मामले में दूसरे नंबर पर आ जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम होगा. यात्रियों की सुविधा और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए किराया तय किया गया है.

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सुविधा और सुरक्षा के क्‍या इंतजाम?

इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है. इसमें आरामदायक और बेहतर कुशनिंग वाले बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, स्मूद सफर के लिए बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, कम शोर, ‘कवच’ नाम का ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. साथ ही ट्रेन में खास डिसइंफेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो 99.9 प्रतिशत कीटाणुओं को खत्म कर देती है. खानपान को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है. गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेनों में असमिया भोजन और कोलकाता से शुरू होने वाली ट्रेनों में बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे. रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा रहा है. अगले छह महीनों में आठ और ट्रेनें तैयार होंगी. इस साल के अंत तक कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलने लगेंगी और अगले साल से उत्पादन और तेज किया जाएगा.

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दीपक साहू

संपादक

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