छत्तीसगढ़
सारंगढ़-बिलाईगढ़/स्वराज टुडे: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया थाना क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्र साल्हेओना (पंजीयन क्रमांक 245) में बिना धान आवक के फर्जी तरीके से ऑनलाइन एंट्री कर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। सरिया पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घोटाले के मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों पर किसानों के साथ मिलीभगत कर ₹99,12,411.35 (निन्यानबे लाख बारह हजार चार सौ ग्यारह रुपये) के गबन का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. बंशीधर पटेल (उम्र 56 वर्ष):– पिता मोतीराम पटेल, निवासी- ग्राम कटंगपाली ‘अ’, थाना सरिया (तत्कालीन समिति प्रबंधक, उपार्जन केन्द्र साल्हेओना)।
2. वासुदेव पटेल (उम्र 48 वर्ष):- पिता मगन पटेल, निवासी- ग्राम बरमकेला (वार्ड क्रमांक 07), थाना बरमकेला (तत्कालीन कम्प्युटर ऑपरेटर, उपार्जन केन्द्र साल्हेओना)।
भौतिक सत्यापन में खुली पोल
खरीफ वर्ष 2025-26 के दौरान इस केंद्र में 15 नवंबर 2025 से 06 फरवरी 2026 तक धान की खरीदी की गई थी। केंद्र में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर जिला कलेक्टर सारंगढ़ द्वारा एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
जांच टीम ने जब 20 अप्रैल 2026 को केंद्र का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो रिकॉर्ड के मुकाबले भारी कमी पाई गई ।
धान की कमी – 3,140.80 क्विंटल (कीमत: ₹97,36,480/-)
नए जूट बारदाने की कमी – 2,045 नग (कीमत: ₹1,75,931.35/-)
कुल घोटाला – ₹99,12,411.35/-
बायोमैट्रिक और आइरिश स्कैनर से किया ‘फर्जीवाड़ा’
जांच और पूछताछ में खुलासा हुआ कि समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल ने कुछ किसानों से मिलीभगत की थी। केंद्र में बिना कोई धान आए, फर्जी तरीके से टोकन काटे गए और तौल पर्ची बनाई गई। इसके बाद कंप्यूटर सिस्टम में बायोमैट्रिक डिवाइस और आइरिश स्कैनर का उपयोग कर ऑनलाइन धान खरीदी की फर्जी एंट्री दर्ज कर दी गई और राशि हड़प ली गई।
पुलिस की कार्रवाई और जब्ती
सहायक खाद्य अधिकारी बरमकेला, विद्यानंद पटेल की लिखित रिपोर्ट पर 23 मई 2026 को सरिया थाने में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 316(5) एवं 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
● किसानों की तौल पर्ची और बायोमैट्रिक OTP वाले मोबाइल।
● 02 नग कंप्यूटर सिस्टम।
● बायोमैट्रिक डिवाइस और आइरिश स्कैनर।
● उपार्जन केंद्र से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज व पंजी।
आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध होने पर पुलिस ने दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में सरिया थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया, प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र सिदार, मोहन गुप्ता, विजय यादव, आरक्षक लक्ष्मीनारायण पटेल, दिगम्बर पटेल और महिला आरक्षक सविता यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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