नई दिल्ली/स्वराज टुडे: देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, कानून व्यवस्था और पुलिस महकमे को एक साथ झकझोर कर रख दिया है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद भी सरकारी सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या कर ली। इस दोहरे मौत के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
पत्नी की हत्या के बाद फरार था कॉन्स्टेबल
पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉन्स्टेबल मनीष भाटी अपनी पत्नी प्रियंका भाटी की हत्या के बाद फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच मंगलवार को उसका शव मयूर विहार क्षेत्र में मिला, जहां उसने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मनीष भाटी दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था। उसकी पत्नी प्रियंका भाटी एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं।
बताया जा रहा है कि सोमवार को प्रियंका की गोली मारकर हत्या के बाद मनीष मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद दिल्ली पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश भी दी।
मंगलवार को मयूर विहार के एक इलाके में उसका शव मिलने के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
सरकारी हथियार से खुद को मारी गोली
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मनीष भाटी ने कथित तौर पर अपनी सरकारी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके से हथियार समेत अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
फॉरेंसिक टीम जुटा रही है सबूत
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से-
- सरकारी रिवॉल्वर,
- कारतूस,
- खून के नमूने,
- फिंगरप्रिंट,
- और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य
एकत्र किए गए हैं।
इन सभी साक्ष्यों की जांच के बाद घटना के क्रम को और स्पष्ट किया जाएगा।
बीच सड़क पर हुई थी पत्नी की हत्या
पुलिस जांच के अनुसार प्रियंका भाटी की हत्या सोमवार तड़के कल्याणपुरी थाना क्षेत्र में हुई थी। बताया जा रहा है कि घटना के समय पति-पत्नी एक स्कूटी पर सवार होकर घर से निकले थे। रास्ते में किसी घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई।
पुलिस के अनुसार बाद में दोनों लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल के पास सड़क किनारे रुके। यहीं विवाद कथित तौर पर इतना बढ़ गया कि मनीष ने अपनी सरकारी पिस्टल निकालकर प्रियंका पर गोली चला दी।
सीने में लगी गोली
जांच अधिकारियों के अनुसार गोली प्रियंका के सीने में लगी।गोली लगते ही वह सड़क पर गिर गईं। आरोप है कि घटना के बाद मनीष मौके से फरार हो गया और घायल प्रियंका को वहीं छोड़ दिया।
राहगीरों ने दिखाई इंसानियत
घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने घायल महिला को देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक ऑटो चालक और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए प्रियंका को एलबीएस अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि यदि समय पर भी अस्पताल पहुंचाया जाता, तब भी गोली की गंभीरता को देखते हुए स्थिति बेहद नाजुक थी। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
पुलिस के अनुसार घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फुटेज में कथित तौर पर पति-पत्नी के बीच हुई गतिविधियां और घटना के बाद आरोपी के वहां से जाने के दृश्य कैद हुए हैं। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित न हो इसलिए फुटेज का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
तीन साल पहले हुई थी शादी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मनीष और प्रियंका की शादी लगभग तीन वर्ष पहले हुई थी। दोनों पूर्वी विनोद नगर इलाके में रहते थे। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद और आपसी तनाव चल रहा था। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता लगाने के लिए परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
इस पूरे मामले में पुलिस कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही है-
- विवाद की वास्तविक वजह क्या थी?
- क्या घटना पूर्व नियोजित थी?
- घटना के समय दोनों के बीच क्या बातचीत हुई?
- हत्या के बाद आरोपी किन-किन स्थानों पर गया?
- आत्महत्या से पहले उसने किसी से संपर्क किया या नहीं?
इन सभी सवालों के जवाब मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए तलाशे जा रहे हैं।
मानसिक तनाव भी जांच का हिस्सा
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आरोपी किसी मानसिक तनाव या व्यक्तिगत दबाव से गुजर रहा था। इसके लिए उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी निश्चित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि घरेलू विवाद यदि समय रहते बातचीत और परामर्श के जरिए नहीं सुलझाए जाएं तो कई बार गंभीर रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैवाहिक जीवन में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। यदि किसी दंपति के बीच लगातार तनाव बना रहे तो पारिवारिक परामर्श, काउंसलिंग और कानूनी सहायता लेना बेहतर विकल्प माना जाता है।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है।अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
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