एटा/स्वराज टुडे: चार साल की बच्ची का यौन शोषण और महिलाओं व लड़कियों के फोटो खींचकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाले मुदित की गिरफ्तारी के बाद जांच अभी भी चल रही है। आरोपी शादियों में जाता था और वहां आने वाली लड़कियों, युवतियों के फोटो खींच लेता था, जिन्हें एडिट करके वीडियो बनाता था।
उधर मासूम बच्ची का परिवार पुलिस ने ट्रेस कर लिया है और उससे संपर्क किया जा रहा है। इस केस के वर्कआउट के लिए पुलिस चार दिन तक जलेसर में गोपनीय ढंग से डेरा डाले रही। मुदित के बारे में नई जानकारियां सामने आ रहीं हैं। उसने कई वीडियो ऐसे बनाए जो उसकी परिचित लड़कियों और महिलाओं के हैं। न्यूड क्लिप में लड़कियों के चेहरे लगा दिए।
अब पुलिस मामले की तह में जाने की कोशिश कर रही है। आरोपी के संपर्क सूत्र खंगाले जा रहे हैं। आरोपित के सारे इंटरनेट मीडिया एकाउंट बंद हैं। पुलिस ने आरोपित के मोबाइल का डाटा अपने कब्जे में ले लिया है और अब उसकी जांच चल रही है। पुलिस दावा कर रही है कि सजा दिलाने के लिए उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। मामले की चार्जशीट भी शीघ्र दायर की जाएगी।
सादी वर्दी में घूमी पुलिस
अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसी से टिप लाइन मिलने के बाद जब लखनऊ हेड क्वार्टर से मामला यहां साइबर पुलिस को सौंपा गया तो पुलिस ने इस पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार दिन तक पुलिस जलेसर में सादा वर्दी में घूमती रही और आरोपित के बारे में तमाम जानकारियां जुटाती रही।
पुलिस को यह आशंका भी थी कि अगर आरोपी को पता चल गया कि पुलिस उसकी तलाश में है तो आपत्तिजनक डाटा वह डिलीट कर गायब हो सकता था। इसलिए पुलिस ने शुरुआत से ही गोपनीयता बरती। आरोपित का घर ट्रेस होने के बाद जब पूरी तरह से पुलिस आश्वस्त हो गई कि अब दविश देना ठीक है, तब उसे घर से उठाया गया।
किसके फोटो खींचे, हो रही चर्चा
कस्बा जलेसर में अब यह चर्चा हो रही है कि मुदित ने आखिर किन महिलाओं और युवतियों के फोटो खींचकर उन्हें एडिट किया है। सबसे ज्यादा वह लोग परेशान हो रहे हैं जिनके यहां आरोपी आता-जाता था या जिनके कार्यक्रमों में शामिल होता था। हालांकि कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
ऐसे में मुदित को जानने वाले लोग अंदर ही अंदर परेशान हैं कि न मालूम उसने किसका वीडियो एडिट कर दिया। उधर आरोपित के स्वजन भी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। सिर्फ इतना कहते हैं कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि मुदित क्या करता था।
यह है मामला
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले लोगों पर नजर रखने वाली साइबर एजेंसी एनसीएमईसी ने गृह मंत्रालय के एनसीआरपी पोर्टल पर नौ बार टिप लाइन भेजकर संदेश दिया था कि जलेसर कस्बा के फलां मीडिया एकाउंट से आपत्तिजनक कंटेंट भेजे जा रहे हैं। इसमें 21 वीडियो टिप लाइन द्वारा प्राप्त हुए। यह मैसेज लखनऊ साइबर हेड क्वार्टर को भेजा गया।
इसके बाद यहां साइबर पुलिस ने आरोपी को ट्रेस किया और उसकी गिरफ्तारी की। आरोपित के मोबाइल से एक हजार से अधिक आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त हुए। जिनमें एक वीडियो आरोपी द्वारा चार वर्ष की मासूम बच्ची के किए गए यौन शोषण का भी था। पुलिस अब अग्रिम कार्रवाई में जुटी है।
प्रभारी साइबर थाना प्रभारी शंभूनाथ ने बताया कि आरोपी के बारे में और जानकारियां जुटाईं जा रहीं हैं। पुलिस ने कई दिन की कवायद के बाद पर्याप्त साक्ष्यों के साथ आरोपित की गिरफ्तारी की है। सजा दिलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद हैं।

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