छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: जिला स्वास्थ्य विभाग, कोरबा द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों के लिए विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग (SCD), बाल मधुमेह (Type 1 Diabetes – T1D), जन्मजात हृदय रोग (CHD) तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) से जुड़े विषयों पर समुदाय आधारित जागरूकता एवं स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम में 80 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें पंचायत प्रतिनिधि, पारंपरिक वैद्य, एवं सामुदायिक स्वयंसेवक शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बच्चों में बढ़ते गैर-संचारी रोगों की चुनौती, उनकी प्रारंभिक पहचान, समय पर जांच, उपचार एवं रेफरल सेवाओं की आवश्यकता पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में समुदाय सबसे पहले स्थानीय नेतृत्व, पारंपरिक वैद्यों एवं स्वयंसेवकों से जुड़ता है। ऐसे में यदि इन्हें स्वास्थ्य विषयों की सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए, तो वे समय पर पहचान, रेफरल एवं उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि सामुदायिक स्तर पर जागरूकता एवं भरोसेमंद संवाद स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों में टाइप-1 मधुमेह के शुरुआती लक्षण—जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना एवं अत्यधिक कमजोरी—की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही सिकल सेल रोग की समय पर जांच एवं नियमित उपचार, जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के शीघ्र रेफरल तथा गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की नियमित देखभाल की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, संस्थागत प्रसव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी तथा सामुदायिक सहयोग को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, पारंपरिक वैद्यों एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी गांव-गांव तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाई जा सकती है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य टीम, मितानिन एवं विभिन्न विभागों के सहभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने, जरूरतमंद परिवारों को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सूर्य नारायण केशरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में श्री पद्माकर शिंदे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, श्री अरविंद भारती, जिला सलाहकार सिकल सेल, डॉ. गजेंद्र सिंह, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, यूनिसेफ के नेतृत्व एवं उनकी टीम तथा डॉ. डी. श्याम कुमार एवं एमसीसीआर ट्रस्ट का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
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