मुम्बई/स्वराज टुडे: मुंबई के एक व्यवसायी से धोखाधड़ी और जबरन वसूली कर करीब 3.25 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही मारपीट करने की भी बात कही जा रही है। मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि नौ सदस्यों वाले एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया।
विले पार्ले पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, सभी नौ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि ये आरोपी मुंबई, ओडिशा, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।
जुलाई 2025 से आरोपियों के संपर्क में थे
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी चलाता है, जुलाई 2025 में 9 आरोपियों में से चार के संपर्क में आया था। उन लोगों ने खुद को ब्रोकर बताया था। अधिकारी के अनुसार, इस गिरोह ने ‘आर्कशिप ग्रुप’ नाम की एक कंपनी में निवेश करने के लिए व्यवसायी को मना लिया, और उसे भारी मुनाफे का वादा किया।
उनकी बातों में आकर, व्यवसायी ने ऑनलाइन 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, बाद में उसे पता चला कि वह रकम ‘मानव धर्मयोग’ नाम के एक NGO के खाते में भेजी गई थी। वहीं, जब पीड़ित ने आरोपियों से इस बारे में पूछा, तो उसे अपनी कंपनी के जनरल मैनेजर के साथ विले पार्ले में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास एक होटल में मीटिंग के लिए बुलाया गया।
मीटिंग के लिए बुलाया फिर लूटे रुपये
अधिकारी ने बताया कि होटल में, गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर उन दोनों के साथ मारपीट की और बंदूक की नोक पर उन्हें धमकाया। इसके बाद गिरोह ने 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, और धमकी दी कि अगर व्यवसायी ने पैसे नहीं दिए तो वे उसे जान से मार देंगे। अपनी जान के डर से, उसने आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में ऑनलाइन लगभग 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे मिलने के बाद, आरोपियों ने दोनों को छोड़ दिया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर वह पुलिस के पास गया तो उसे गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे। हालांकि, अपने परिवार वालों और दोस्तों की सलाह पर, पीड़ित बाद में पुलिस के पास गया और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की पुष्टि करने के बाद, पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, गंभीर चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य आरोपों के तहत FIR दर्ज कर ली। अब इस मामले को आगे की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये आरोपी एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं।

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