लखनऊ/स्वराज टुडे: लखनऊ पुलिस ने मदद के बहाने नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर राजस्थान में शादी के लिए बेचने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफतार किया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है।
पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अनुराग यादव (25), मोहम्मद अख्तर (32), प्रिया पटेल उर्फ शीला (23) शामिल है। हिरासत में लिये गये नाबालिग आरोपी 17 साल का है।
गिरोह के निशाने पर थीं गरीब और बेसहारा लड़कियां
पुलिस के मुताबिक, माता-पिता के बिना रहने वाली या आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की लड़कियों को गिरोह के सदस्य निशाना बनाते थे।
उन्होंने बताया कि उनकी तस्वीरें राजस्थान में अपने साथियों को भेजते थे, जहां पैसे के बदले उनकी शादी तय की जाती थी। लखनऊ दक्षिण के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित कुमार आनंद ने बताया कि मोहनलालगंज पुलिस ने 12 मई को गनिहार गांव इलाके से 16 और 12 साल की दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने की जांच के बाद ये गिरफ्तारियां कीं।
मां से मिलाने का झांसा देकर ले जाई गईं नाबालिग बहनें
लड़कियों की दादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी एक नाबालिग रिश्तेदार और उसके साथी (रायबरेली की रहने वाली प्रिया पटेल) ने लड़कियों को उनकी मां से मिलवाने के बहाने ले गए थे। डीसीपी ने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की और लड़कियों को बरामद करने के लिए चार टीमें बनाईं, जिनमें एक टीम सादे कपड़ों में थी।
150 CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
उन्होंने बताया कि पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की और तकनीकी व मैनुअल निगरानी की, जबकि लड़कियों के मोबाइल फोन बंद थे। दोनों लड़कियों को 18 मई को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जांच और उनके बयान दर्ज करने के दौरान पुलिस को पता चला कि उन्हें शादी के लिए बेचने के इरादे से राजस्थान के कोटा ज़िले में ले जाया गया था।
राजस्थान में पैसों के बदले कराई जाती थी शादी
पुलिस के अनुसार गिरफतार आरोपी प्रिया पटेल ने जांचकर्ताओं को बताया कि 2020 में रायबरेली में एक शादी समारोह के दौरान वह कोटा की रहने वाली सोनम नाम की महिला से मिली थी।
सोनम ने कथित तौर पर उससे कहा था कि गरीब और सुंदर लड़कियों की राजस्थान में पैसे के बदले शादी कराई जा सकती है और ऐसी लड़कियों का इंतज़ाम करने के लिए उसे पैसे मिलेंगे। पुलिस ने बताया कि प्रिया रायबरेली में किराए के मकान में अपने साथी अनुराग यादव के साथ करीब दो साल से रह रही थी। ये दोनों, मोहम्मद अख्तर के साथ मिलकर, ऐसी लड़कियों की तलाश करते थे जो आर्थिक रूप से कमज़ोर हों या जिनके माता-पिता न हों, क्योंकि उन्हें लगता था कि उनके परिवार वाले शिकायत दर्ज नहीं करा पाएंगे।
दोस्ती, घूमाने और नए कपड़ों का दिया जाता था लालच
पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य ऐसी लड़कियों से दोस्ती करते थे और उन्हें बाहर घुमाने ले जाने या नए कपड़े दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले जाते थे।
पुलिस ने बताया कि लड़कियों को पहले रायबरेली लाया जाता था, जहां उन्हें नए कपड़े दिए जाते थे और उनकी तस्वीरें कोटा में सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी को व्हाट्सएप के ज़रिए भेजी जाती थीं। तस्वीरें साझा करने के बाद, आरोपी राजस्थान के उस जोड़े से पैसों का सौदा करते थे।
हर लड़की के बदले मिलते थे करीब डेढ़ लाख रु
प्रिया ने पुलिस को बताया कि उसे हर लड़की की शादी तय कराने के लिए करीब एक लाख से 1.5 लाख रुपये मिलते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इससे पहले भी रायबरेली की दो बहनों को शादी के लिए सोनम और भूपेंद्र के पास भेजा था।
मौजूदा मामले में, नाबालिग पीड़ितों को एक नाबालिग आरोपी की मदद से ले जाया गया था, जो पीड़ितों का रिश्तेदार था। प्रिया ने लड़कियों से कहा था कि वह उन्हें उनकी मां से मिलवाने ले जा रही है, जो कई सालों से उनसे दूर थीं। आरोपी लड़कियों को रायबरेली ले गए और बाद में अपने साथियों से निर्देश मिलने के बाद उन्हें कोटा भेजने की योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के साथियों समेत अन्य लोगों की संलिप्तता की आगे जांच की जा रही है।
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