उत्तरप्रदेश
मेरठ/स्वराज टुडे: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ चल रहा विरोध अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक संग्राम में बदल गया है। मोहनपुरी इलाके में बढ़े हुए बिजली बिलों और अघोषित कटौती से आक्रोशित महिलाओं द्वारा मीटर उखाड़कर बिजलीघर में फेंकने की घटना पर विभाग ने कड़ा प्रहार किया है।
पीवीवीएनएल (PVVNL) की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा पार्षद उत्तम सैनी के नेतृत्व वाले इस आंदोलन से जुड़ी 16 महिलाओं और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बलवा व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को मोहनपुरी क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं का धैर्य उस समय जवाब दे गया जब बार-बार की शिकायतों के बाद भी बिजली के भारी-भरकम बिलों और अघोषित कटौती का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिल दोगुने-तिगुने आ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गया है। इसी नाराजगी में महिलाओं ने अपने घरों के बाहर लगे मीटर उखाड़ दिए और उन्हें ले जाकर बिजलीघर में जमा कर दिया।
गंभीर धाराओं में फंसा मामला और विभाग की सख्ती
पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता (वितरण) रजनीकांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मीटर उखाड़ना सरकारी काम में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य है। अवर अभियंता रमेश कुमार की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की निम्नलिखित धाराओं में FIR दर्ज की गई है:
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● BNS धारा 191 (2): बलवा करने के आरोप में।
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● BNS धारा 324 (4) व (5): सरकारी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना (5 वर्ष तक की जेल का प्रावधान)।
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● BNS धारा 221: सरकारी काम में बाधा डालना।
विभाग ने उन सभी घरों की सूची तैयार कर ली है जहाँ से मीटर उखाड़े गए हैं। इन घरों की विद्युत आपूर्ति की निगरानी के लिए दो विशेष टीमें तैनात की गई हैं ताकि बिजली की चोरी या अवैध उपयोग को रोका जा सके।
भाजपा पार्षद ने दी चेतावनी- ‘पूरे इलाके के मीटर उखड़वाएंगे’
इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वार्ड 44 से भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने विभाग की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज कराकर विभाग जनता को डराना चाहता है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।
“अब यह लड़ाई आर-पार की होगी। हम जल्द ही ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर से मुलाकात करेंगे। यदि विभाग ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो पूरे मोहनपुरी इलाके के स्मार्ट मीटर उखाड़कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।” मेरठ में भाजपा पार्षद और बिजली विभाग के बीच ठनी इस जंग ने शासन-प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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