छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा जिले के हरदीबाजार में इन दिनों कबाड़ का कारोबार चर्चा का विषय बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर कबाड़ का ढेर दिखाई दे रहा है, वह पुलिस थाने से महज कुछ कदमों की दूरी पर और एक पेट्रोल पंप के पास स्थित बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां खुलेआम कबाड़ की खरीद-बिक्री किए जाने की चर्चा है। इतना ही नहीं, यहां से कबाड़ का माल बलौदा की ओर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर इस कबाड़ दुकान को प्रदीप नामक व्यक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है।

सूत्रों से यह जानकारी भी मिली कि लगभग एक माह पूर्व SECL प्रबंधन द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को ढहा दिया गया था। यह कार्रवाई जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रशासनिक अमले द्वारा की गई । इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा । इसके बाद तो मानो कबाड़ चोरों की चांदी हो गई । मलबे में दबे लोहे की छड़ें,खिड़की दरवाजे और लोहे के अन्य सामग्रियों को यहां से निकाल-निकाल कर प्रदीप कबाड़ी के यहां बेचा जाने लगा। लोगों का दावा है कि अगर पुलिस यहां रेड मारती है तो उसे भारी मात्रा में अवैध कबाड़ जरूर मिलेगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस थाना इतना नजदीक है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस कारोबार की जानकारी नहीं है? यदि जानकारी है, तो अब तक इसकी जांच और कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
आखिर इस कबाड़ कारोबार के संचालन के लिए जरूरी दस्तावेज और अनुमति हैं या नहीं? यहां कबाड़ खरीदकर उसे कहां भेजा जा रहा है? इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कबाड़ कारोबार की वैधता की पड़ताल की जाए और यदि किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, हरदीबाजार में थाने के इतने करीब संचालित हो रहे इस कबाड़ कारोबार को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं।
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