छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: टी. पी. नगर स्थित विश्व सद्भवना भवन में ब्रह्माकुमारीज द्वारा ‘पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’ विषय पर जनजागरण अभियान का भव्य शुभारंभ किया गयाा कार्यक्रम का शुभारंभ ठीप प्रज्वलन के साथ हुआ समारोह में 200 से अधिक नामरिकों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। यह अभियान केवल विश्व सुद्धावना भवन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके अंतर्गत कोखा के विभिन्न औद्योगिक, शैक्षणिक एवं शासकीय संस्थानों में भी व्यापक जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के तहत सीएसईबी, एनटीपीसी, कुणगुंडा जीएम कार्यालय, सीएसईबी ट्रेकिंग सेंटर, के. एन. कॉलेज, जिला पंचायत कोरबा, डीएवी पब्लिक स्कूल, साड़ा कन्या विद्यालय तथा गेवरा दीपका जीएम कॉन्फ्रेंस हॉल सहित शहर के अनेक स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन विषय पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं जागरिकों ने उत्सादपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में श्री एस. के. बंजारा (कार्यपालन अभियंता, सीएसईची डीएसपीएम, कोस्था), श्री रोहित सिंह (वैज्ञानिक, पर्यावरण विभाग, कोरबा), श्री योगेश जैज (अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स), श्री नितिन चतुर्वेदी (पूर्व अध्यक्ष, रोटरी क्लब), बी. के. मोदन सिंघल भाईजी (वेवस्पर्सन, एसईए विंग, ब्रह्माकुमारीज, माउंट आबू, पीयूष भाई (मोटिवेशनल स्पीकर, दिल्ली), ओंकार भाई (माउंट आबू), रुक्मणी दीदी (प्रभारी, ब्रह्माकुमारीज, कोरबा), माधुरी बढन (प्रभारी, मनेंद्रगढ़ सेवा केंद्र), ज्योति बढज (पंजाब), तारका बढ़न (भिलाई) एवं श्रीनिवास भाई (माउंट आबू) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत करने के साथ किया गया। इसके पथात बी के. वीरेश जे स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बी. के. बिंदु दीदी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का अभिनंदन किया तथा कार्यक्रम की भावना से सभी को अवगत कराया। इसके उपरांत बी. के. तारका बहुज ने संस्था एवं पर्यावरण संरक्षण जनजागरण अभियाज का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में श्री एस. के. बंजारा ने कहा, ‘प्रकृति का संतुलन बनाए रखजा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए सामहिक प्रयास ही भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।’
श्री रोहित सिंह ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी एवं व्यक्तिमत जिम्मेदारी से ही संभव है। प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभानी चादिश”
श्री योगेश जैन ने कहा, ‘व्यापार जगत को भी पर्यावरण के पति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिएश दर संस्था यदि एक हरित पहल अपनाए, तो बड़ा परिवर्तज संभव है।”
श्री नितिन चतुर्वेदी ने कहा, ‘आपदा प्रबंधन की सढी जानकारी और समय पर तैयारी से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता ही जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा हो
बी. के. मोहन सिंगल भाईजी ने अपने उद्धोधन में कहा कि प्रकृति और माजय का संबंध अत्यंत महरा एवं आत्मीय है। जब मनुष्य अपने विवार, संस्कार और जीवनशैली में शुद्धता एवं संतुलन लाता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। आज पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ मानसिक प्रदूषण भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। राजयोग ध्यान के माध्यम से स्वयं को तलाव, क्रोथ एवं नकाशत्मकता से मुक्त कर हम प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बन सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, वायु, ऊर्जा तथा प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी से हस्ति, स्वच्छ एवं आध्यात्मिक भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पीयूष भाई जे कहा, ‘बाहरी पर्यावरण की रक्षा का आधार आंतरिक सकारात्मकता है। जब विचार शुद्ध ढोंगे, तब व्यवहार और वातावरण दोनों स्वतः सुंदर बनेंगे।”
ऑवार भाई ने कहा, ‘सकारात्मक सोच, अनुशासन और आध्यात्मिक जीवत्समैली हमें हर प्रकार की आपता का पैर्यपूर्वक सामना करने की शक्ति प्रदान करती है।”
कार्यक्रम के दौरान माधुरी बढन ने उपस्थित सभी को राजयोल मेडिटेशन का अभ्यास करावा, जिससे सभी ने शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
अंत में रुक्मणी दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेतारी है। आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर हम प्रकृति और साळयता दोनों की सेवा कर सकते हैं।’ कार्यक्रम के समापन पर श्रीनिवास भाई ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंत संचालन बी. के. शेखर राम सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा, ईन्चरीय सौगात एवं साहित्य मेट किया गया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादाची वातावरण में संपन्न हुआ।
यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक रोकने वाले कानून का किया स्वागत, नया वीडियो जारी कर दिया बड़ा संदेश..
यह भी पढ़ें: 6 दिन करतब दिखाकर खूब बटोरीं तालियां, 7वें दिन जिंदा दफन हुआ और सर्कस वाले की चली गई जान

Editor in Chief





