* इस घटना में मुख्य आरोपी आयुष चौहान, उसका पिता पवन चौहान, और उसकी माता रीना चौहान तीनों ही हत्या में शामिल थे, तीनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया है जांच जारी है पीएम रिपोर्ट आने के बाद पूरी जांच का सच सामने आएगा
* 15 तारीख को विवाद के बाद विवाहिता को अस्पताल में कराया भर्ती, मायके पक्ष का आरोप — परिजनों को नहीं दी गई सूचना
इंदौर,/स्वराज टुडे: दहेज प्रताड़ना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें विवाहिता की मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को लगातार परेशान किया जा रहा था और बार-बार मांग पूरी करने के बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई।

मृतका के परिवार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर विवाद किए जाते थे। परिवार का कहना है कि बेटी का घर बचाने के लिए उन्होंने कई बार ससुराल पक्ष की मांगें पूरी कीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता रहा।
परिजनों के अनुसार, 15 तारीख की रात महिला के साथ विवाद और मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि इसके बाद अगले दिन 16 तारीख को दोपहर करीब 12 बजे महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इसकी जानकारी मायके पक्ष को नहीं दी गई।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें अपनी बेटी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी समय पर नहीं दी गई। जब महिला के भाई ने अपने पारिवारिक कार्यक्रम को लेकर फोन किया, तब उन्हें बताया गया कि लड़की का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद परिजनों ने जानकारी जुटाई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की बात पता चली।
परिवार का कहना है कि 16 तारीख की शाम करीब साढ़े 4 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद ससुराल पक्ष के लोग वहां से चले गए और परिजनों को पूरे मामले की जानकारी नहीं दी गई।
महिला की हालत गंभीर होने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलने के बाद मायके पक्ष में दुख और आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते उन्हें जानकारी दी जाती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
मृतका के परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा मामले में मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज, परिजनों के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवाहिता की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।
दहेज के नाम पर बेटियों की जिंदगी खत्म होना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि इस मामले में सच्चाई क्या सामने आती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिलता है।
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