छत्तीसगढ़
रायपुर/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक सशक्त राजनीतिक विकल्प देने के उद्देश्य से ‘तीसरे मोर्चे’ के गठन की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल बेबीलॉन कैपिटल में प्रदेश के लगभग 50 क्षेत्रीय दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक मोर्चों की एक अहम संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के एकाधिकार को चुनौती देते हुए एक मजबूत और एकजुट विकल्प तैयार करना था।
बैठक के मुख्य बिंदु और लिए गए निर्णय:
● जल, जंगल और जमीन पर जोर: उपस्थित सभी नेताओं ने एकमत होकर यह तय किया कि तीसरे मोर्चे की संयुक्त रणनीति मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के ‘जल, जंगल और जमीन’, क्षेत्रीय अस्मिता और सामाजिक न्याय के बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित होगी।
● चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल और प्रस्ताव: बैठक में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। सभी दलों ने सर्वसम्मति से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित किया। नेताओं ने कहा कि वर्तमान में चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता संदिग्ध नजर आ रही है। चुनाव आयोग से यह पुरजोर मांग की गई कि निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों और कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
● सीट बंटवारे पर जल्द होगा फैसला: सूत्रों के अनुसार, तीसरे मोर्चे के घटक दलों के बीच साझा घोषणापत्र और सीट बंटवारे को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिस पर अगले चरण की बैठक में अंतिम मुहर लगेगी।
इन प्रमुख दलों और संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल:
बैठक में प्रदेश के कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के नेतृत्वकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
* बहुजन समाज पार्टी (BSP): जोन प्रभारी खटकर जी
* छत्तीसगढ़िया पार्टी: देवराज साहू
* छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच: पूरन लाल साहू
* गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP): मिथलेश कुमार
* भीम आर्मी / आजाद समाज पार्टी: मनोज बंजारे
* जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCC): जितेन्द्र बंजारे
* हमर राज पार्टी: विनोद नागवंशी
* बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा: नवनीत चांद
* छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी: विवेक पटेल
आगामी रणनीति:
तीसरे मोर्चे की एकजुटता और आगामी रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए 28 अक्टूबर 2026 को रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में ही एक और ‘वृहद बैठक’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में गठबंधन के स्वरूप और चुनाव अभियान की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।

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