उत्तरप्रदेश
लखनऊ/स्वराज टुडे:;उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक पारा हाई हो चुका है। राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और तैयारियां तेज कर दी हैं।
पिछले नौ सालों से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। ऐसे में चुनावों से ठीक पहले सामने आए एक नए चुनावी सर्वे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
सर्वे में बीजेपी की बंपर जीत का अनुमान
सामने आए इस ताजा चुनावी सर्वे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से भगवा लहरा सकता है और बीजेपी गठबंधन शानदार बहुमत के साथ दोबारा सरकार बना सकता है। न्यूज लीडर और मैटराइज के इस सर्वे में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनता का मूड टटोला गया है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि अगर आज की तारीख में चुनाव कराए जाते हैं, तो बीजेपी गठबंधन को बंपर 267 सीटें मिल सकती हैं। अकेले भारतीय जनता पार्टी को दम पर 246 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि उसके सहयोगी दलों में अपना दल (एस) को 9, आरएलडी को 3, निषाद पार्टी को 4 और सुभासपा के खाते में 1 सीट जाती दिख रही है।
समाजवादी पार्टी को लग सकता है बड़ा झटका
दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी गठबंधन को इस सर्वे में महज 132 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। यदि यह सर्वे चुनावी परिणामों में बदला, तो यह सपा के लिए बहुत बड़ा झटका साबित होगा क्योंकि पार्टी को लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा। याद दिला दें कि इससे पहले सपा साल 2012 से 2017 तक यूपी की सत्ता में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस नए सर्वे के अनुसार, अकेले समाजवादी पार्टी को 125 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी को सिर्फ 7 सीटें ही मिल सकती हैं। वैसे भी इन दिनों सपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज है, जहां कांग्रेस सांसद इमरान मसूद तीखे बयान दे रहे हैं, वहीं अब सपा सांसद इकरा हसन भी पलटवार करती नजर आ रही हैं।
वोट शेयर में कितना रहेगा फासला?
वोट प्रतिशत की बात करें तो सर्वे के आंकड़े काफी दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं। अनुमान लगाया गया है कि अकेले बीजेपी को राज्य में लगभग 44 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी गठबंधन को 38 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। इस तरह दोनों मुख्य गठबंधनों के वोट शेयर के बीच करीब छह फीसदी का बड़ा अंतर रहने वाला है। इसके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को मात्र 0.8 फीसदी और अन्य के खाते में करीब दस प्रतिशत वोट शेयर जाने का अनुमान जताया गया है।
पिछले दो चुनावों के आंकड़े क्या कहते हैं?
अगर पिछले विधानसभा चुनावों के परिणामों पर नजर डालें, तो साल 2022 के यूपी चुनाव में बीजेपी ने 403 में से 255 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर लगभग 41.3 फीसदी रहा था। वहीं, समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिली थीं और उसका वोट शेयर करीब 32.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी सिर्फ एक ही सीट जीत पाई थी और उसका वोट शेयर गिरकर 12.9 फीसदी पर आ गया था, जबकि कांग्रेस को मात्र 2 सीटें मिली थीं। बीजेपी के सहयोगियों में अपना दल (एस) को 12 और निषाद पार्टी को 6 सीटों पर सफलता मिली थी।
इससे पहले साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ 312 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी और उसका वोट शेयर लगभग 39.7 फीसदी था। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी को 47, बसपा को 19 और कांग्रेस को 7 सीटें हाथ लगी थीं। यानी 2017 से 2022 के बीच तुलना करें तो बीजेपी की कुल सीटों में 57 की कमी जरूर आई थी, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ गया था। इसके विपरीत, समाजवादी पार्टी की सीटों में 64 का इजाफा हुआ था और उसका वोट शेयर भी करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा था, जबकि बसपा और कांग्रेस दोनों की सीटों और वोट शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

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