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प्रशांति निलयम पुट्टपर्थी/स्वराज टुडे: भगवान श्री सत्य साई बाबा के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रशांति निलयम में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक श्री सत्य साई बाल विकास गुरु सम्मेलन–2026 अत्यंत प्रेरणादायक, आध्यात्मिक एवं मूल्यपरक वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य बाल विकास गुरुओं को सत्य, धर्म, शांति, प्रेम एवं अहिंसा जैसे मानव मूल्यों पर आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रेरित करना था।

सम्मेलन का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा, दीप प्रज्वलन एवं शताब्दी स्मारिका (Centenary Compendium) के विमोचन के साथ हुआ। विभिन्न वक्ताओं ने भगवान श्री सत्य साई बाबा के शिक्षा दर्शन, बाल विकास आंदोलन की महत्ता तथा गुरु की पवित्र भूमिका पर प्रकाश डाला। इस दौरान भगवान श्री सत्य साई बाबा के प्रेरणादायक प्रवचन, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतियाँ एवं भक्ति कार्यक्रमों ने सभी प्रतिभागियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत किया।

दूसरे दिन “हृदयों का संवर्धन (Nurturing Hearts)” विषय पर विभिन्न देशों के विद्वानों ने बताया कि प्रत्येक घर एक बाल विकास कक्षा है तथा प्रत्येक माता-पिता और गुरु बच्चों के चरित्र निर्माण के प्रथम मार्गदर्शक हैं। गुरुओं से आग्रह किया गया कि वे स्वयं आदर्श जीवन जीते हुए प्रेम, सेवा, करुणा एवं निःस्वार्थ भाव से बच्चों का मार्गदर्शन करें। सांस्कृतिक एवं संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से मानवता, प्रेम और ईश्वर के साथ आंतरिक संबंध का सुंदर संदेश दिया गया।

अंतिम दिन “उत्कृष्टता का प्रस्फुटन (Blossoming of Excellence)” विषय पर उत्कृष्ट चरित्र, अनुशासन, सेवा, नेतृत्व एवं आत्मपरिवर्तन को बाल विकास की आधारशिला बताया गया। सभी बाल विकास गुरुओं ने सामूहिक रूप से मानव मूल्यों के प्रचार-प्रसार, बच्चों में दिव्यता जागृत करने तथा प्रेम, विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने की प्रतिज्ञा दोहराई। समापन सत्र में आयोजकों ने विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए बाल विकास को मानवता के उज्ज्वल भविष्य का दिव्य मिशन बताया।
विशेष उपलब्धि
इस गौरवपूर्ण वैश्विक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से चार बाल विकास गुरुओं को सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ—
श्रीमति अभिलाषा शुक्ला
श्रीमति रूपा पाव
कु. सुपर्णा साहू
कु. महिमा साहू
इनकी सहभागिता अनूपपुर जिले के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है। विश्वास है कि सम्मेलन से प्राप्त ज्ञान, प्रेरणा एवं आध्यात्मिक अनुभवों का लाभ जिले के बाल विकास कार्यक्रमों तथा बच्चों के संस्कार निर्माण में अवश्य मिलेगा।
॥ समस्त लोकाः सुखिनो भवन्तु ॥
समापन सत्र में आयोजकों ने भारत सहित 16 देशों से आए सभी प्रतिनिधियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन विश्वभर के बाल विकास गुरुओं के लिए अनुभव, प्रेरणा और मानव मूल्यों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ। भगवान श्री सत्य साई बाबा के प्रेम, सेवा और चरित्र निर्माण के संदेश को विश्व के प्रत्येक कोने तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
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