नई दिल्ली/स्वराज टुडे: योग गुरु बाबा रामदेव रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने हिंदू राष्ट्र और मुसलमानों के प्रति बयान दिया।
उन्होंने कहा कि भले ही हमारे मजहब अलग हैं, लेकिन पूर्वज एक ही है। मुसलमानों को हिंदू राष्ट्र से डरने की जरूरत नहीं। रामदेव के बयान के बाद देशभर से तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुस्लिम समाज के लोग रामदेव को धोखेबाज करार दिया।
हम सबके पूर्वज सनातनी हिंदू: रामदेव
हमारे हरिद्वार के पास देवबंद है। मुझे 2009 में वहां बुलाया गया था, और मैंने उनसे कहा कि हमारे धर्म भले ही अलग हों, लेकिन हमारे पूर्वज एक ही हैं। ‘हिंदू राष्ट्र’ की सोच से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। हम सबके पूर्वज सनातनी हिंदू आर्य-वैदिक थे। यह बात हमारे सामने ही लिखी हुई है। कुछ लोग पूछते हैं कि अगर हिंदू राष्ट्र बन गया, तो मुसलमान कहां जाएंगे?
रामदेव ने मुस्लिमों को नसीहत देते हुए कहा कि बस अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपना लें। आप दाढ़ी रखें या शेव करवा लें। कोई भी कपड़े पहनें, लेकिन अपने पूर्वजों जैसा चरित्र बनाए रखें। हिंदुस्तान में मुसलमानों या ईसाइयों के लिए कोई खतरा नहीं है।
द्रविड़ हैं देश के मूल निवासी: मुस्ताक मलिक
बाबा रामदेव के बयान पर तेलंगाना के तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुस्ताक मलिक ने पलटवार किया है। मीडिया एजेंसी आईएएनएस से बात करते ‘तहरीक मुस्लिम शब्बान’ के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा कि बाबा रामदेव ने दावा किया कि मुसलमान भी सनातनी हैं और उनके पूर्वज सनातन धर्म को मानते थे। असल में, जो लोग बाहर से आए थे, वे इस जमीन के मूल निवासी नहीं हैं; इस देश के मूल निवासी द्रविड़ हैं।
बाबा रामदेव को बताया धोखेबाज
बाबा रामदेव ने मुसलमानों का मजाक भी उड़ाया और कहा कि उन्हें दाढ़ी रखनी चाहिए और मूंछें छोटी रखनी चाहिए। हम निश्चित रूप से इस्लाम को मानते हैं। हम बाबा रामदेव जैसे धोखेबाज और समाज में फूट डालने वाले व्यक्ति को पूरी तरह से नकारते हैं। देश में भाईचारा बढ़ाने के बजाय, ये लोग नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे देश को नुकसान होगा। वे देश को तरक्की की ओर नहीं, बल्कि बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं।
मुसलमान डरा नहीं है: सिराज
रामदेव के बयान पर पलटवार करते हुए मौलाना सिराज खान ने कहा कि मुसलमान डरा हुआ नहीं है। बाबा रामदेव किसे डराने की कोशिश कर रहे हैं। शायद बाबा रामदेव ही डरे हुए हैं। यह देश संविधान से चलेगा। बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के अनुसार काम होगा। किसी को भी इसके खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। सबसे पहले तो ऐसे बयान देने वाले वे होते कौन हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गंभीरता से लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। अगर कोई व्यक्ति खुद कानून से भागता रहा हो और उस पर कई आरोप और मामले हों, तो उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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