छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज साहू: जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेन्द्रीपाली के ग्रामीणों में सरपंच सचिव के प्रति काफी आक्रोश देखा जा रहा है । इसकी मुख्य वजह ये है कि गांव में अनेक तरह की समस्याएं व्याप्त हैं और सरपंच सचिव के पास शिकायत करने के बावजूद उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है । ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पन्ना लाल कंवर और सचिव नीतू गुप्ता गाँव की गलियों में कभी झांकने तक नहीं आते। ग्रामीण किस हाल में रह रहे हैं उनकी क्या-क्या समस्याएं हैं इससे उन दोनों को कोई लेना-देना नहीं है ।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई तालाब है जिसमें जलकुंभियों और कूड़े कचरे का अंबार लगा है । वहां का पानी इतना बदबूदार है कि उपयोग करने में बीमारियों का भय बना रहता है। कई तालाब में पचरी निर्माण भी नहीं हुआ है और जहां पचरी है उसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी है ।

बरसों पहले सड़क निर्माण हुआ था जो अब काफी जीर्णशीर्ण हो गया है। इसकी मरम्मत की बहुत आवश्यकता है इसके अलावा गांव में नई सड़क के निर्माण की भी जरूरत है। घरों से निकले गंदे पानी की निकासी के लिए गांव में नाली ही नहीं । बार-बार की शिकायत के बाद नाली का निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन उसे आधा अधूरा ही छोड़ दिया गया । जो थोड़ा बहुत निर्माण हुआ था वह भी अब टूट चुका है ।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में घर-घर शौचालय निर्माण की भी योजना थी लेकिन आज पर्यंत तक गांव के सभी ग्रामीणों को शौचालय की सुविधा नहीं मिली है । कुछ लोगों ने अपने निजी पैसों से शौचालय का निर्माण किया है तो कुछ आज भी शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं । गांव में दो सबसे बड़ी समस्या पेयजल की कमी और खुलेआम अवैध शराब की बिक्री है । जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने की योजना थी । कनेक्शन तो पहुंच गए लेकिन पानी सप्लाई नहीं हो रही है।

गांव के प्राचीन कुएं या तो सुख गए हैं या फिर वो कूड़े कचरे से पट गया है। यही एक मात्र छोटा सा कुआं है जहां के पानी को ग्रामीण निस्तारी के लिए उपयोग करते हैं । ग्रामीणों का कहना है कि नालियों का गंदा पानी रिसते हुए कुएं तक पहुंच रहा है इसलिए इस कुएं का पानी भी दूषित हो चुका है यानी इसमें का पानी पीने योग्य नहीं है ।

वही गांव में अवैध शराब का धंधा खूब फलफूल रहा है। लोग बेखौफ होकर अवैध शराब का निर्माण कर रहे हैं और बेच रहे हैं । गांव के किशोर और बूढ़े नशे के आदी हो रहे हैं । शराब के कारण हर घर में कलह हो रहा है । गांव की सारी समस्याओं के बारे में सरपंच पन्ना लाल कंवर और सचिव नीतू गुप्ता भली भांति जानते हैं लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती । इन दोनों के कारण गांव का विकास थम सा गया है। इन ग्रामीणों ने एक बड़ा आरोप ये भी लगाया है कि क्षेत्रीय पत्रकारों की संख्या काफी ज्यादा है, जो केवल अवैध वसूली में लगे रहते हैं । वे सरपंच सचिवों के साथ सेटिंग करके चलते हैं इसीलिए वे गांव की समस्याओं को सामने नहीं लाते। उन्होंने अब अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
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